गौपशुओं में लम्पी रोग का बचाव ही उपचार है- शासन सचिव पशुपालन विभाग

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जयपुर, शनिवार, 13 अगस्त 2022। प्रदेश के गौवंशीय पशुओं में फैल रही लम्पी स्किन डिजीज को लेकर पशुपालन विभाग के शासन सचिव श्री पी.सी. किशन, ने पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी संभाग व जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विडियों कॉन्फ्रेसिंग के जरिये बैठक कर लम्पी स्किन डिजीज की स्थिति एवं रोकथाम के लिए किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। शासन सचिव ने बताया कि स्थिति में निरन्तर सुधार हो रहा है, उन्होंने मोनिटरिंग का दायरा बढ़ाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों द्वारा इस वायरस की तुलना कोरोना वायरस से की जा रही है, जो बिल्कुल गलत है। गौपशुओं में फैल रहा यह रोग जूनोटिक नहीं है अर्थात पशुओं से मनुष्यों में नहीं फैलता है। रोगी पशुओं का दूध हानिकारक नहीं है, लेकिन यह आवश्यक है कि दूध को उबाल कर ही पिएं।

श्री किशन ने कहा कि पशुओं में फैल रही इस बीमारी को चुनौति के रूप में लिये जाने की आवश्यकता है, न कि भयभीत होने की। उन्होंने कहा कि बचाव ही उपचार है इसके लिए हमें वो सभी उपाय करने की आवश्यकता है जिससे रोगी पशुओं से स्वस्थ पशुओं में संक्रमण नही फैले। उन्होंने कहा कि रोगी पशुओं को स्वस्थ पशुओं से तुरन्त अलग कर देना चाहिए। श्री किशन ने कहा कि रोगी पशुओं को खुले में नही छोड़े इससे संक्रमण फैलने की सम्भावनाएं बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि बीमार पशुओं में आवश्यकता होने पर ही एन्टीबायोटिक्स का उपयोग किया जावें। शासन सचिव ने बताया कि बीमार होने वाले पशुओं में से जो काफी कमजोर और कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले हैं उन्हीं में मृत्यु देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रभावित जिले को आपातकालीन जरूरी दवाएं खरीदने के लिए 1 करोड़ 88 लाख रूपये की राशि जारी की चुकी है।

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