राजकीय भवनों के शिलान्यास, उद्घाटन एवं लोकार्पण के राज्य स्तरीय राजकीय समारोह में सांसद एवं विधायक को आवश्यक रूप से किया जाए आमन्त्रित- मुख्य सचिव

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  • शिलान्यास व उद्घाटन कार्यक्रमों के लिए दिशा निर्देश जारी

जयपुर, गुरुवार, 19 मई 2022। मुख्य सचिव श्रीमती उषा शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में राजकीय भवनों के शिलान्यास, उद्घाटन एवं लोकार्पण के राज्य स्तरीय राजकीय समारोह में संबंधित क्षेत्र के सांसद एवं विधायक को आवश्यक रूप से आमन्त्रित किया जाए।

मुख्य सचिव ने इस संबंध में जारी परिपत्र में बताया कि केन्द्र सरकार की प्रवर्तित योजना अन्र्तगत स्वीकृत कार्यों में केन्द्र सरकार के संबंधित विभाग के मंत्री, संबंधित क्षेत्रीय सांसद एवं विधायक को आवश्यक रूप से आमन्त्रित किया जाए तथा राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत राशि के कार्याें के कार्यक्रमों में विभागीय मंत्री एवं संबंधित विधायक को आमन्त्रित किया जाए। उन्होंने बताया कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा आनुपातिक राशि से स्वीकृत निर्माण कार्याें के कार्यक्रमों में संबंधित सांसद एवं विधायक को आमन्त्रित  किया जाए।

प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग कि ओर से जारी परिपत्र में श्रीमती शर्मा ने निर्देश दिए कि जिला स्तरीय कार्यक्रमों में विभागों द्वारा जिला स्तर पर आयोजित राजकीय भवनों के लोकार्पण कार्यक्रमों में विभागीय मंत्री एवं स्थानीय विधायक को आवश्यक रूप से आमंत्रित किया जाए। उन्होंने बताया कि एमपी-एलएडी की स्वीकृत राशि से कराये जाने वाले कार्यक्रमों में संबंधित सांसद तथा एमएलए-एलएडी की स्वीकृत राशि से कराये जाने वाले कार्यक्रमों में संबंधित विधायक को आमन्त्रित किया जाए। इसी तरह स्थानीय अथवा ग्रामीण स्तरीय कार्यक्रमों में संबंधित क्षेत्र के सरपंच, अथवा जनप्रतिनिधि को आमंत्रित किया जाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय, जिला स्तरीय अथवा स्थानीय राजकीय कार्यक्रमों में शिलान्यास, भूमि पूजन, उद्घाटन एवं लोकार्पण कार्यक्रमों में शिलापट्ट पर उद्घाटनकर्ता का नाम अंकित किया जाए, साथ ही अध्यक्षता करने वाले सांसद अथवा विधायक का नाम भी अंकित किया जाए। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय समारोहों के लिए संंबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष, जिला स्तर पर कलेक्टर तथा उपखंड स्तर पर उपखंड अधिकारी नोडल अधिकारी होंगे। विभाग, जिला अथवा उपखंड स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में इन दिशा -निर्देशों की पालना सुनिश्चित किए जाने की जिम्मेदारी भी नोडल अधिकारी की होगी।

श्रीमती शर्मा ने किसी भी सांसद अथवा विधायक द्वारा जनहित के कार्याें के बारे में विभाग से पत्रचार किया जाने पर विभाग द्वारा उत्तर भेजा जाना सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मामले अगर विभाग में लम्बित हाें तो उनकी प्रगति से समय- समय पर उन्हें अवगत कराया जाए। साथ ही जिले में विकास कार्याें की प्रगति से संबंधित सांसद एवं विधायक को समय- समय पर अवगत कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि राजकीय भवनों के शिलान्यास अथवा उद्घाटन, सार्वजनिक समारोह से सबंधित सूचनाएं, संबंधित स्थानीय वर्तमान निर्वाचित सांसद अथवा विधायक अथवा जनप्रतिनिधि को सामान्य तौर पर 15 दिवस पूर्व भिजवाना सुनिश्चित करें। 

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन दिशा- निर्देशों की अवहेलना को राजस्थान सिविल सेवाएं नियम के प्रावधानों का उल्लघंन माना जाएगा तथा दोषी अधिकारी अथवा कर्मचारी के विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। 

 

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