किसान नेताओं से मुलाकात करेंगे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान

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चंडीगढ़, बुधवार, 18 मई 2022। गेहूं की पैदावार कम होने पर 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और 10 जून से पूरे पंजाब में धान की बुवाई शुरु करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया है। किसान नेताओं ने बताया कि मोहाली के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उन्हें चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के साथ बैठक के लिए आमंत्रित किया है। किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा ने कहा, ‘‘डीसी (पुलिस उपायुक्त) और एसएसपी (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) हमारे पास आए थे (बैठक के लिए) और उन्होंने बताया कि यह संदेश (बैठक का) मुख्यमंत्री साहब का है।’’ सिरसा ने स्पष्ट किया, ‘‘हम बैठक के लिए जा रहे हैं।’’

भारतीय किसान यूनियन (सिद्धूपुर) के प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा कि वह बैठक में किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग करेंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर किसानों का प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम बैठक के नतीजे बाद में बताएंगे।’’ एक किसान नेता ने बताया कि 36 किसान नेताओं को एक बस से पंजाब भवन ले जाया गया। उन्होंने बताया कि सभी 36 नेता मुख्यमंत्री के साथ बैठक में शामिल होंगे।

गौरतलब है कि मोहाली पुलिस द्वारा मंगलवार को रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारी किसान सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने मोहाली के वाईपीएस चौक के पास सड़क पर अपने वाहन खड़े कर दिए। किसानों ने चंडीगढ़-मोहाली राजमार्ग पर रात बिताई। प्रदर्शनकारी किसान पूरी तैयार के साथ वहां पहुंचे हैं और उनके पास राशन, बिस्तर, पंखे, कूलर, बर्तन, रसोई गैस सिलिंडर सहित अन्य सामान है। पंजाब के विभिन्न किसान संगठनों से संबंधित किसान गेहूं की पैदावार कम होने पर 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और 10 जून से पूरे पंजाब में धान की बुवाई शुरु करने सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

किसानों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री बुधवार तक उनके साथ बैठक नहीं करते हैं, तो वे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने के लिए अवरोधक तोड़ते हुए चंडीगढ़ की ओर बढ़ेंगे। मान ने मंगलवार को किसानों के विरोध को ‘‘अनुचित और अवांछनीय’’ करार दिया था और किसान संगठनों से नारेबाजी बंद करने और पंजाब में घटते जल स्तर को रोकने के लिए राज्य सरकार का साथ देने का कहा था।

मान ने कहा कि किसानों के लिए बातचीत के दरवाजे खुले हैं, लेकिन ‘‘खोखले नारे’’ घटते जल स्तर पर लगाम लगाने के उनके संकल्प को नहीं तोड़ सकते। उन्होंने यह भी कहा कि वह एक किसान के बेटे हैं और फसल उत्पादकों की समस्याओं से अच्छी तरह वाकिफ हैं। कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि किसानों की गेहूं पर बोनस की मांग वाजिब है। किसान खरीद सीजन की शुरुआत से ही इस मुद्दे को उठा रहे हैं। अपनी विभिन्न मांगों में किसान प्रति क्विंटल गेहूं पर 500 रुपये का बोनस चाहते हैं, क्योंकि भीषण गर्मी की स्थिति के कारण उनकी उपज घट गई है और गेहूं के दाने सिकुड़ गए हैं। किसान बिजली के बोझ को कम करने और भूमिगत जल के संरक्षण के लिए 18 जून से धान की बुवाई की अनुमति देने के पंजाब सरकार के फैसले के भी खिलाफ हैं। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि सरकार उन्हें 10 जून से धान की बुवाई की अनुमति दे।

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