निजी केंद्रों पर कोविड-19 रोधी टीके की एहतियाती खुराक के लिए टीकाकरण शुरू
नई दिल्ली, रविवार, 10 अप्रैल 2022। देश में रविवार को निजी टीकाकरण केंद्रों पर 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की एहतियाती खुराक देना शुरू किया गया। जिन लोगों को दूसरी खुराक लिये नौ महीने पूरे हो गए हैं, वे एहतियाती खुराक ले सकते हैं। केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि जिस टीके की पहली और दूसरी खुराक लगी थी, एहतियाती खुराक भी उसी टीके की लगाई जाएगी और निजी टीकाकरण केंद्र टीके की कीमत के अलावा सेवा शुल्क के तौर पर 150 रुपये ले सकते हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने शनिवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी स्वास्थ्य सचिवों के साथ बैठक की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि एहतियाती खुराक के लिए किसी नए पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी क्योंकि सभी लाभार्थी पहले से ही कोविन मंच पर पंजीकृत हैं। सभी टीकाकरण अनिवार्य रूप से कोविन मंच पर दर्ज किए जाएंगे और ‘ऑनलाइन अपॉइंटमेंट’ और ‘वॉक-इन’ पंजीकरण और टीकाकरण के दोनों विकल्प निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों (सीवीसी) पर उपलब्ध होंगे। निजी सीवीसी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार टीकाकरण स्थलों का रखरखाव करेंगे।
भूषण ने कहा था, ‘‘वे (सीवीसी) टीकाकरण के लिए सेवा शुल्क के रूप में प्रति खुराक अधिकतम 150 रुपये तक शुल्क ले सकते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एहतियाती खुराक के लिए उसी टीके का इस्तेमाल किया जाएगा जो पहली और दूसरी खुराक के टीकाकरण के लिए इस्तेमाल किया गया था।’’ भूषण ने रेखांकित किया कि स्वास्थ्यकर्मी, अग्रिम मोर्चा के कर्मी और 60 साल एवं उससे अधिक उम्र के नागरिकों को किसी भी टीकाकरण केंद्रों पर एहतियाती खुराक का टीकाकरण जारी रहेगा, जिसमें सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर मुफ्त टीकाकरण भी शामिल है।
देश भर में टीकाकरण अभियान पिछले साल 16 जनवरी को शुरू किया गया था, जिसमें पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया गया था। अग्रिम मोर्चा के कर्मियों का टीकाकरण पिछले साल दो फरवरी से शुरू हुआ था। कोविड-19 टीकाकरण का अगला चरण पिछले साल एक मार्च को 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और गंभीर बीमारी से ग्रस्त 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए शुरू हुआ था। भारत ने पिछले साल एक अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया। इसके बाद सरकार ने पिछले साल एक मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोविड रोधी टीकाकरण की अनुमति देकर अपने टीकाकरण अभियान का विस्तार करने का फैसला किया था।
टीकाकरण का अगला चरण तीन जनवरी से 15-18 वर्ष के आयु वर्ग के किशोरों के लिए शुरू हुआ। भारत ने 10 जनवरी से स्वास्थ्य कर्मियों, अग्रिम मोर्चा के कर्मियों और 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लोगों को टीकों की एहतियाती खुराक देना शुरू किया। देश ने 16 मार्च से 12-14 वर्ष की आयु के बच्चों का टीकाकरण शुरू किया। सुबह सात बजे तक के अद्यतन आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 रोधी टीके की अब तक 185.70 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है।
Similar Post
-
2020 दिल्ली दंगे : आप के पूर्व पार्षद ताहिर ने स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत का अनुरोध किया
नई दिल्ली, बुधवार, 18 मार्च 2026। आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार ...
-
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पालम में एक आवासीय इमारत में लगी आग की घटना की जांच के आदेश दिए
नई दिल्ली, बुधवार, 18 मार्च 2026। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गु ...
-
बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले निर्वाचन आयोग ने 13 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया
कोलकाता, बुधवार, 18 मार्च 2026। निर्वाचन आयोग ने बुधवार को पश्च ...
