महुआ मोइत्रा की कृष्णानगर सर्किट हाउस में ठहरने की अनुमति संबंधी याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को

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नई दिल्ली, बुधवार, 15 अक्टूबर 2026। उच्चतम न्यायालय शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान पश्चिम बंगाल में अपने संसदीय क्षेत्र कृष्णानगर के दौरे के समय सर्किट हाउस में ठहरने की अनुमति मांगी है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष यह मामला आया। न्यायमूर्ति बागची ने कहा, ‘‘यदि याचिकाकर्ता अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करना चाहती हैं, तो इसके लिए आवश्यक व्यवस्था की जानी चाहिए।’’ सांसद की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने पीठ को बताया कि वह अंतरिम राहत मांग रहे हैं, क्योंकि महुआ मोइत्रा त्योहार के दौरान अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करना चाहती हैं।

राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ‘‘इस मामले को अगले सप्ताह सूचीबद्ध किया जा सकता है। मैं जवाब दाखिल करूंगा।’’ जब मोइत्रा के वकील ने कहा कि सुनवाई टालने की मांग अनावश्यक रूप से की जा रही है, तो मेहता ने कहा, ‘‘अगर इसे सनसनीखेज बनाने की कोशिश की जाएगी, तो मैं रातोंरात जवाब दाखिल कर दूंगा।’’ दुर्गा पूजा का उत्सव शुक्रवार से शुरू हो रहा है। पीठ ने एक अक्टूबर को पश्चिम बंगाल सरकार और अन्य पक्षों से मोइत्रा की उस याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा था, जिसमें उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का अनुरोध किया है।

मोइत्रा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि कुछ दिन पहले नदिया जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें सर्किट हाउस से बाहर कर दिया था, जबकि राज्य सरकार के स्वामित्व वाली इस संपत्ति में उन्हें एक कमरा आवंटित किया गया था। कृष्णानगर नदिया जिले का मुख्यालय है। मोइत्रा ने 14 अगस्त की रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया था कि परिसर छोड़ने से इनकार करने के बाद सर्किट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे और ‘‘जय श्री राम’’ के नारे लगा रहे थे।

उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भी पत्र लिखा था। कृष्णानगर की सांसद ने कथित उत्पीड़न को लेकर अदालत जाने की चेतावनी भी दी थी। बिरला को लिखे पत्र में मोइत्रा ने दावा किया कि जब उन्होंने कमरे की बुकिंग कराई थी, तब किसी ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि सर्किट हाउस पहुंचने पर भी किसी ने उन्हें बुकिंग पर लगी रोक के बारे में नहीं बताया। सांसद ने कहा कि सर्किट हाउस पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी के सरकारी आवासों के ठीक सामने स्थित है। उनके अनुसार, यह परिसर सुरक्षित होना चाहिए। 

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