सिद्धरमैया को निशाना बनाकर किए गए ‘‘स्टिंग ऑपरेशन’’ की कानून के मुताबिक जांच होगी : प्रियंक खरगे
बेंगलुरु, बुधवार, 14 अक्टूबर 2026। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने बुधवार को कहा कि पुलिस पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को निशाना बनाकर किए गए कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच करेगी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों का पर्दाफाश करेगी। खरगे ने कहा कि राज्य की पुलिस इस मामले की जांच करने में सक्षम है। इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी की मांग खारिज करते हुए खरगे ने सवाल उठाया कि इसमें केंद्रीय एजेंसी के हस्तक्षेप की क्या जरूरत है ?
खरगे ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘यह भी सिद्धरमैया की छवि खराब करने की साजिश का हिस्सा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले में सीबीआई जांच की क्या जरूरत है? इस मांग का आधार क्या है?’’ खरगे ने दावा किया कि सीबीआई को पहले सौंपे गए दो-तीन मामलों की जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है और एजेंसी उनकी जांच पूरी करने के लिए राज्य से कर्मचारियों की मांग कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘कर्नाटक पुलिस के पास इन सभी मामलों की जांच करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं और वह पूरी तरह सक्षम है।’’ खरगे ने कहा कि कानून के मुताबिक जांच की जाएगी और सच्चाई सामने लाई जाएगी।
बेंगलुरु की एक अदालत ने मंगलवार को कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की याचिका पर सुनवाई करते हुए एक वीडियो के प्रकाशन और प्रसार पर अंतरिम रोक लगा दी थी। सिद्धरमैया ने इस वीडियो को मानहानिकारक बताते हुए इस पर रोक लगाए जाने का अनुरोध किया था। उन्होंने मामले की पुलिस से निष्पक्ष जांच कराए जाने का भी अनुरोध किया। जांच की प्रगति के बारे में पूछे जाने पर खरगे ने कहा, ‘‘शिकायत दर्ज कराई गई है और निश्चित रूप से इसकी जांच होगी। हम इसके लिए जिम्मेदार लोगों का पर्दाफाश करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि जांच से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती।
खरगे ने कहा, ‘‘हम मीडिया को यह नहीं बता सकते कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है, वह किस चरण में पहुंची है, हम क्या कर रहे हैं या ऐसा क्यों कर रहे हैं।’’ उन्होंने कुमारस्वामी के उस आरोप की भी आलोचना की कि कथित स्टिंग ऑपरेशन मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार और सिद्धरमैया द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा के परिवार को राजनीतिक रूप से निशाना बनाए जाने की कोशिश का हिस्सा था। कुमारस्वामी की टिप्पणियों को एक केंद्रीय मंत्री की गरिमा के खिलाफ बताते हुए खरगे ने कहा, ‘‘पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय मंत्री जो कुछ कह रहे हैं, वह उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।’’
खरगे ने हासन के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या रेवन्ना परिवार के सदस्यों से जुड़े वीडियो या उसके बाद हुई कानूनी कार्रवाई के लिए कांग्रेस जिम्मेदार थी ? रेवन्ना बलात्कार के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। कर्नाटक के गृह मंत्री ने कहा, ‘‘क्या डी. के. शिवकुमार ने स्टिंग ऑपरेशन करवाया था? क्या यह उस समय किया गया था, जब सिद्धरमैया मुख्यमंत्री थे? आपके अपने परिवार के सदस्यों ने जो कुछ किया और दूसरे लोगों के साथ जो व्यवहार किया, उसके लिए वे खुद जिम्मेदार हैं। इससे कांग्रेस का क्या लेना-देना है?’’
मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने कभी किसी परिवार से व्यक्तिगत बदला लेने की कोशिश नहीं की और न ही भविष्य में ऐसा करेगी। खरगे ने कुमारस्वामी द्वारा अपने परिवार की उपलब्धियों का बार-बार जिक्र किए जाने पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री खुद अपने परिवार की बदनामी कर रहे हैं। कुमारस्वामी ने मंगलवार को कथित स्टिंग ऑपरेशन की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि सिद्धरमैया को निशाना बनाया जा रहा है और यह विवाद उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने की कोशिशों से जुड़ा हो सकता है। सिद्धरमैया ने वीडियो से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है और कहा है कि राजनीतिक कारणों से उनकी छवि खराब करने की कोशिश के तहत इसे प्रसारित किया जा रहा है।
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