केरलम में कभी सत्ता में नहीं आएगी भाजपा, पार्टी पर आरएसएस का नियंत्रण: सतीशन
तिरुवनंतपुरम, रविवार, 11 अक्टूबर 2026। केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा कि राज्य की सत्ता में आने का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का सपना हमेशा अधूरा ही रहेगा क्योंकि राज्य का धर्मनिरपेक्ष ताना-बाना इस दक्षिणपंथी पार्टी के अपने राजनीतिक आधार को बढ़ाने के प्रयासों के आड़े आएगा। सतीशन ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखने वाली कांग्रेस पार्टी के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कोई बड़ा खतरा नहीं हैं। सतीशन ने राज्य में तीन विधानसभा सीट और तिरुवनंतपुरम नगर निगम में जीत दर्ज कर चुनावी बढ़त हासिल करने वाली भाजपा की सफलता का श्रेय मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की राजनीतिक विफलताओं को दिया। उन्होंने दोनों दलों के बीच ‘‘नापाक गठजोड़’’ का भी आरोप लगाया।
उन्होंने शुक्रवार को ‘पीटीआई-वीडियो’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव और तीन विधानसभा सीट जीतना माकपा (तत्कालीन सत्तारूढ़) द्वारा (भाजपा को) थाली में सजाकर दिया गया उपहार था।’’ सतीशन ने कहा कि भाजपा की इन सफलताओं का मतलब यह नहीं है कि केरलम के राजनीतिक परिदृश्य में कोई बड़ा बदलाव आ गया है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक आधार पर मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने की कोशिशों के बावजूद पार्टी की संभावनाएं सीमित हैं क्योंकि राज्य धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को बनाए रखे हुए है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि भाजपा कभी केरलम में सत्ता में आएगी। उन्हें अधिकतम 15 प्रतिशत या उससे कम वोट मिल सकते हैं, ज्यादा से ज्यादा 20 प्रतिशत से नीचे ही रहेगा, इससे अधिक नहीं, क्योंकि केरलम धर्मनिरपेक्ष है।’’ सतीशन के अनुसार, भाजपा से मिलने वाली चुनौती केवल चुनावी नहीं बल्कि वैचारिक भी है। उन्होंने भाजपा और संघ परिवार पर समुदायों के बीच मतभेदों का फायदा उठाकर केरलम के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस साल अप्रैल में हुए चुनाव प्रचार के दौरान भी सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ कड़ा रुख बनाए रखा और चुनावी फायदे के लिए अपने रुख से कोई समझौता नहीं किया।
यह पूछे जाने पर कि भाजपा के बढ़ते जनसमर्थन की वजह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता है या आरएसएस की संगठनात्मक ताकत, इस पर सतीशन ने कहा कि पार्टी के विस्तार में दोनों कारकों का योगदान रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी के सत्ता में आने के बाद से वे कई सालों से शासन कर रहे हैं, यह एक कारक हो सकता है। वहीं आरएसएस और संघ परिवार लोगों के बीच मतभेद पैदा करने और ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रहे हैं।’’ सतीशन ने विश्वास जताया कि कांग्रेस को सभी समुदायों का समर्थन हासिल है और वह प्रधानमंत्री मोदी या आरएसएस को अपने लिए बड़ा राजनीतिक खतरा नहीं मानती है। उन्होंने कहा, ‘‘हम नहीं मानते कि वे हमारे लिए कोई बड़ा खतरा हैं। हम धर्मनिरपेक्षता में विश्वास करते हैं और उसी पर कायम रहेंगे। केरलम धर्मनिरपेक्ष है और वे यहां कोई बदलाव नहीं कर पाएंगे।’’
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर विशेष रूप से राज्य में ईसाई और मुस्लिम समुदायों के बीच फूट डालने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि एक दशक से जारी कोशिशों के बावजूद वे इसमें बुरी तरह नाकाम रहे हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी के शासन प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने पर सतीशन ने उन्हें बधाई दी। यह पूछे जाने पर कि क्या शीर्ष नेतृत्व सहित पूरी भाजपा को संघ परिवार नियंत्रित करता है, तो मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘बिल्कुल, संघ परिवार ही पार्टी को नियंत्रित कर रहा है। इसमें कोई शक नहीं कि पूरा आरएसएस ही भाजपा को चला रहा है, यह बात सभी जानते हैं और इससे कोई इनकार नहीं कर सकता।’’
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