मणिपुर के उखरुल में एनएच-202 के किनारे संज्ञेय अपराधों को लेकर 58 प्राथमिकी दर्ज: पुलिस

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इंफाल, शुक्रवार, 28 अगस्त 2026। मणिपुर के उखरुल जिले में फरवरी में कुकी और नगा समुदायों के बीच झड़प शुरू होने के बाद से राष्ट्रीय राजमार्ग-202 के किनारे संज्ञेय अपराधों से जुड़ी घटनाओं को लेकर कुल 58 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी। जिला पुलिस ने 25 अगस्त को मणिपुर उच्च न्यायालय के समक्ष दायर स्थिति रिपोर्ट में यह जानकारी दी। यह रिपोर्ट उस जनहित याचिका (पीआईएल) के संबंध में दाखिल की गई है, जिसमें एनएच-202 पर आम लोगों और आवश्यक सामान ले जाने वाले वाहनों की सुरक्षित एवं निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया, “उखरुल जिला प्रशासन और जिला पुलिस एनएच-202 को उखरुल और कामजोंग जिलों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक एवं आपूर्ति जीवनरेखा मानते हैं, जो इन जिलों को इंफाल से जोड़ती है।”

रिपोर्ट में कहा गया कि राजमार्ग पर वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने, सड़क पर अवरोध रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए “तत्काल, सख्त और निष्पक्ष कानूनी एवं परिचालन उपाय” लगातार लागू किए जा रहे हैं। इसमें कहा गया, “एनएच-202 (याचिकाकर्ता द्वारा बताए गए महादेव-टी एम कसोम मार्ग) पर सामने आए सभी संज्ञेय अपराधों को लिटन थाने में तुरंत दर्ज किया गया है। आठ फरवरी 2026 को संघर्ष शुरू होने के बाद से 58 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।”

इसमें कहा गया कि दो मामलों को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंप दिया गया है। इनमें से एक मामले में कुकी समुदाय के लोग पीड़ित हैं, जबकि दूसरे मामले में तांगखुल समुदाय के लोग पीड़ित हैं। पुलिस ने कहा, “अन्य मामलों को भी संबंधित एजेंसी को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।” उन्होंने बताया कि राजमार्ग पर सुरक्षा सुनिश्चित करने और आवाजाही सुगम बनाने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की दो कंपनियां, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की नौ कंपनियां, सेना/असम राइफल्स की आठ टुकड़ियां और मणिपुर राइफल्स के जवान तैनात किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि सुरक्षा बल सड़क को आवाजाही के लिए सुरक्षित बनाने के वास्ते अभियान चला रहे हैं, इलाकों में गश्त कर रहे हैं और आम लोगों की सुरक्षित आवाजाही तथा आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई के लिए सुरक्षा मुहैया करा रहे हैं। पुलिस ने कहा कि वह कानून का शासन बनाए रखने, मौलिक अधिकारों की रक्षा करने और सभी प्राथमिकी की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस साल फरवरी से उखरुल और कांगपोकपी जिलों में गोलीबारी की विभिन्न घटनाओं में कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है।

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