प्रधानमंत्री का अंतरिक्ष स्टार्टअप से कृषि, डेयरी, पर्यावरण में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल का आह्वान

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नई दिल्ली, शुक्रवार, 21 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को युवा अंतरिक्ष उद्यमियों को सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन देते हुए उनसे अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को कृषि, पशुधन प्रबंधन, डेयरी, पर्यावरण और आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े अन्य क्षेत्रों तक ले जाने का आह्वान किया। मोदी ने यहां अंतरिक्ष गतिविधियों से जुड़ी 20 स्टार्टअप कंपनियों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) एवं संस्थापकों के साथ बातचीत में कहा कि अंतरिक्ष कंपनियों और अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले संगठनों के बीच अधिक सहयोग से इन प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल का दायरा बढ़ाया जा सकता है।उन्होंने कहा, ‘‘भारत सरकार भविष्य के लिए देश की क्षमताओं को विकसित करने में अंतरिक्ष स्टार्टअप के साथ खड़ी रहेगी। भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में दुनिया के सामने एक मजबूत, नवोन्मेषी और व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य मॉडल पेश कर सकता है।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में काम कर रही कंपनियां अपने प्रौद्योगिकी का नए क्षेत्रों में इस्तेमाल पर विचार करें और इससे लोगों का जीवन आसान बनाने के तौर-तरीकों पर गौर करें।

उन्होंने कहा, ‘अंतरिक्ष मलबा हटाने के काम में जुटी कंपनियां पर्यावरण संगठनों के साथ मिलकर अपनी प्रौद्योगिकियों का विस्तार कर सकती हैं। इसी तरह, कृषि क्षेत्र में सक्रिय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनियां कृषि विश्वविद्यालयों और विभागों के साथ मिलकर किसानों को बेहतर निर्णय लेने और उत्पादन बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष स्टार्टअप फर्मों ने अपने कामकाज के बारे में सार्थक प्रस्तुतियां दीं और उद्योग के विकास के लिए सरकार के अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए सुधारों तथा उनसे पैदा हुए अवसरों की सराहना की। मोदी ने कहा, ‘‘भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र की ‘युवा ऊर्जा’ से मिलना शानदार रहा। इन युवा उद्यमियों और नवोन्मेषकों ने एक नए और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में कदम रखकर उल्लेखनीय साहस दिखाया है। उन्होंने जोखिम उठाया, सुधार प्रक्रिया पर भरोसा किया और लगातार प्रयास किए। इसके परिणामस्वरूप भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरिक्ष क्षेत्र में काफी प्रगति की है।’’

उन्होंने कहा कि भारत का निजी अंतरिक्ष क्षेत्र देश एवं दुनिया के लिए एक बड़ी ताकत बन सकता है और ऐसा परिवेश विकसित किया जाना चाहिए जहां दुनिया अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए भारत की ओर देखे। इससे देश में वैश्विक प्रतिभा, कंपनियों और निवेश को आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरिक्ष स्टार्टअप फर्मों से ‘अटल टिंकरिंग लैब’ के साथ जुड़ने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे स्कूली बच्चों में जिज्ञासा पैदा होगी और उन्हें अंतरिक्ष क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिलेगी।

इस चर्चा के दौरान रॉकेट, दोबारा इस्तेमाल के लायक सेमी-क्रायोजेनिक प्रक्षेपण यान, विमान इलेक्ट्रॉनिक्स, उपग्रह, उन्नत प्रणोदन प्रणाली, अंतरिक्ष एवं रक्षा खुफिया, अंतरिक्ष मलबा हटाने तथा कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित स्थानीय मौसम एवं जलवायु संबंधी प्रौद्योगिकी से जुड़ी कंपनियों के प्रमुख शामिल हुए।

इन स्टार्टअप फर्मों के प्रमुखों ने निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में तेजी से हो रही प्रगति और भविष्य की योजनाओं से प्रधानमंत्री मोदी को अवगत कराया। उन्होंने सरकार से मिले समर्थन और उद्योग के भीतर सहयोग का भी उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री के साथ चर्चा में स्काईरूट एयरोस्पेस, अग्निकुल कॉस्मोस, पिक्सेल, ध्रुव स्पेस, गैलेक्सी, पियरसाइट, बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस, दिगंतरा, सैटश्योर, सुहोरा टेक्नोलॉजीज, मनस्तु स्पेस, एस्ट्रोबेस, टेकमी2स्पेस, व्योमिक, कॉस्मोसर्व स्पेस, ऑर्बिटएआईडी एयरोस्पेस, स्काईसर्व (हाइस्पेस), सेरेन्डिपिटी स्पेस, वासर लैब्स और मिस्टीईओ सहित 20 अंतरिक्ष स्टार्टअप के प्रमुख शामिल हुए।

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