पंजाब विधानसभा ने स्कूल फीस में पांच प्रतिशत तक बढ़ोतरी की सीमा तय करने वाला विधेयक पारित किया

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चंडीगढ़, सोमवार, 10 अगस्त 2026। पंजाब विधानसभा ने निजी विद्यालयों द्वारा फीस में सालाना पांच प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी पर रोक लगाने वाले विधेयक को सोमवार को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सदन में ‘पंजाब विनियमन शुल्क गैर-सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किया। विधेयक के अनुसार, कोई भी गैर-सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान अपनी फीस में पांच प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी नहीं कर सकेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि इससे राज्य के करीब 7,800 निजी विद्यालयों प्रभावित होंगे और लगभग 32 लाख विद्यार्थियों को सीधे लाभ मिलेगा।  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि फीस में सालाना पांच प्रतिशत की सीमा तय किए जाने से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी।

मान ने कहा कि यह सीमा केवल ट्यूशन फीस पर ही लागू नहीं होगी, बल्कि विद्यालयों द्वारा लिये जाने वाले सभी अनिवार्य शुल्क और फंड भी इसके दायरे में आएंगे। विधेयक के अनुसार, फीस में ट्यूशन फीस, विकास शुल्क, वार्षिक शुल्क, गतिविधि शुल्क, स्मार्ट कक्षा या प्रौद्योगिकी शुल्क, परिवहन शुल्क (जहां इसके लिए अलग से अनुबंध नहीं किया गया हो), प्रयोगशाला और पुस्तकालय शुल्क, परीक्षा शुल्क तथा अन्य सभी फंड शामिल होंगे। विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, अगर पिछले तीन वर्षों में फीस में कुल बढ़ोतरी 15 प्रतिशत से अधिक रही है तो शैक्षणिक संस्थानों को अभिभावकों को अतिरिक्त राशि वापस करनी होगी।

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