एमएसएमई के निशुल्क पंजीकरण के लिए डिजिटल प्लेटफार्म अधिसूचित होगा, विधेयक राज्यसभा में पारित
नई दिल्ली, सोमवार, 03 अगस्त 2026। राज्यसभा में सोमवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रोत्साहन देने वाला एक विधेयक पारित हो गया जिसमें एमएसएमई के निशुल्क और स्वैच्छिक पंजीकरण के लिए एक डिजिटल प्लेटफार्म अधिसूचित करने का प्रावधान है। उच्च सदन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित हो गया। इससे पहले, सदन ने इस विधेयक पर विपक्ष द्वारा लाये गये संशोधनों को ध्वनिमत से खारिज कर दिया। विधेयक पर चर्चा और पारित किए जाने के दौरान विपक्षी सदस्य लगातार हंगामा और नारेबाजी कर रहे थे।
विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र को दिये जाने वाले ऋण में 2014 से कई गुना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों का समाधान करना, प्रशासनिक ढांचे में सुधार करना, व्यापार भुगतान में सुधार करना और नियमों के अनुपालन को बढ़ावा देने का उद्देश्य है। मांझी ने कहा कि इस विधेयक में न केवल एमएसएमई की परिभाषा में सुधार किया गया है बल्कि इसके टर्नओवर की सीमा को बढ़ाकर 500 करोड़ रूपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार एमएसएमई क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़कर 39 प्रतिशत हो गयी है। उन्होंने कहा कि सरकार एमएसएमई क्षेत्र में महिलाओं के साथ साथ तृतीय लिंगियों को भी बढावा दे रही है। इस विधेयक का उद्देश्य उद्योग जगत के बदलते हुए परिदृश्य के अनुसार इस क्षेत्र की इकाइयों की प्रतिस्पर्धा क्षमता को मजबूत करना है। विधेयक के कारणों एवं उद्देश्यों में कहा गया कि एमएसएमई आर्थिक विकास के मुख्य कारक हैं, रोजगार सृजन करते हैं और नवाचार को बढ़ावा देते हैं। ऐसी इकाइयां सकल घरेलू उत्पाद एवं निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं तथा देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
इसमें कहा गया कि पिछले कुछ समय के दौरान तकनीकी बदलाव, सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित प्रणालियों के बढ़ते प्रयोग और बदलते विधिक परिदृश्य के कारण मूल अधिनियम में बदलाव की आवश्यकता महसूस की गयी। इस विधेयक के माध्यम से 2006 के मूल अधिनियम में संशोधन किया जाएगा। विधेयक में प्रस्ताव किया गया है कि एमएसएमई के निशुल्क और स्वैच्छिक पंजीकरण के लिए एक डिजिटल प्लेटफार्म अधिसूचित किया गया जाएगा।इसमें कहा गया है कि एमएसएमई की तरलता के मुद्दे को ध्यान में रखते हुए इन इकाइयों से वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद के मामले में केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को उनके ‘‘इनवाइस’’ का निस्तारण व्यापार प्राप्य छूट प्रणाली प्लेटफार्म के माध्यम से करना होगा। विधेयक में इस बात के भी प्रावधान हैं कि राज्य अपने सार्वजनिक उपक्रमों के लिए भी इस तरह के उपबंध करेंगे।
Similar Post
-
कांवड़ यात्रा के दौरान उच्च क्षमता के तारों की चपेट में आया डीजे कैंटर, पांच झुलसे
अलवर, मंगलवार, 11 अगस्त 2026। राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के ...
-
हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित
नई दिल्ली, मंगलवार, 11 अगस्त 2026। लोक सभा में विपक्ष ने मंगलवार ...
-
अरुणाचल प्रदेश में लग्जरी कार चोरी गिरोह का भंडाफोड़, चोरी के 15 वाहन बरामद; चार गिरफ्तार
ईटानगर, मंगलवार, 11 अगस्त 2026। अरुणाचल प्रदेश के क्रा दादी जिल ...
