सीबीएन ने बिहार में नकली दवाओं के अंतर-राज्यीय नेटवर्क का किया भंडाफोड़ , सरगना गिरफ्तार

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नई दिल्ली, रविवार, 02 अगस्त 2026। 'ऑपरेशन वज्र' के तहत, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश इकाई ने बिहार के गया और मसौढ़ी (पटना) में नकली एवं अवैध दवाओं के आठ गोदामों और एक अवैध विनिर्माण इकाई को जब्त किया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में रविवार को बताया गया है कि गोदाम जैसी इन जगहों का इस्तेमाल मादक पदार्थों और अन्य दवाओं को अवैध रूप से बनाने और भंडारण करने के लिए किया जा रहा था। यह मामला 2025 में दर्ज अपराध की जांच से भी जुड़ा है और इसे इस जांच में एक और बड़ी कामयाबी बताया गया है। ताजा अभियान के दौरान गया में चार अवैध गोदामों का भंडाफोड़ किया गया, जिसमें 68,200 ट्रामाडोल टैबलेट, 59,000 अन्य टैबलेट और कोडीन सिरप की 52,542 बोतलें जब्त की गईं।

लगातार जांच और तकनीकी व मानवीय खुफिया जानकारी जुटाने के आधार पर, सीबीएन ने 22 जुलाई को मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी से महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिससे आगे बड़े पैमाने पर कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ। जांच के दौरान 16 से 27 जुलाई के बीच, सीबीएन की मध्य प्रदेश इकाई (नीमच) के निवारक अनुभाग ने पूरे बिहार में कड़ी निगरानी और क्षेत्रीय अभियान चलाए। जांच के दौरान पता चला कि फरार आरोपी ने गया के खानजहांपुर इलाके में गैर-कानूनी तरीके से बनाए गए नशीले पदार्थों और नकली दवाओं को जमा करने के लिए फिर से अवैध गोदाम चलाना शुरू कर दिया था। कई दिनों तक उसकी गतिविधियों पर गुप्त रूप से नजर रखने के बाद, सीबीएन की टीम ने उसे पकड़ा।

आरोपी द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर, सीबीएऩ की टीम ने दो अपंजीकृत और बिना मंजूरी वाले गोदामों की तलाशी ली और गैर-कानूनी तरीके से बनाए गए 21,373 ब्यूप्रेनोर्फिन इंजेक्शन एम्प्यूल बरामद किए। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में नकली और मिलावटी गैर-एनडीपीएस दवाएं भी ज़ब्त की गईं, जिनमें क्लैवम-625, पैन-40, बेटाडीन ऑइंटमेंट, एजिथ्रल और कई अन्य दवाएं शामिल थीं। उसके बाद स्थानीय पुलिस की सहायता से किए चलाए गए अभियानों से शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थित छह और अपंजीकृत और अनधिकृत गोदामों की पहचान की गई। इन परिसरों से पर्याप्त मात्रा में नकली और अनाधिकृत रूप से भंडार की गई गैर-एनडीपीएस दवाएं मिलीं। जब्त किए गए भंडार और सील किए गए गोदामों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बिहार राज्य औषधि प्रशासन को सौंप दिया गया।

सीबीएन द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर, राज्य औषधि विभाग ने अवैध गोदामों से बड़ी मात्रा में गैर-एनडीपीएस नकली दवाएं जब्त कीं इनमें टैबलेट/कैप्सूल 439,774, इंजेक्शन/वायल/एम्प्यूल1,895, सिरप/बोतलें 3,811और अन्य दवा उत्पाद (लोशन/ट्यूब/ड्रॉप्स, आदि) 3,490 शामिल हैं। लगातार पूछताछ के दौरान, संदिग्धों ने बताया कि उनके पहले गिरफ्तार किए गए एक साथी ने पटना के मसौढ़ी के पास एक फार्महाउस में गैर-कानूनी विनिर्माण इकाई बनाई थी, जहां बुप्रेनोरफिन और अन्य नशीले पदार्थों को गैर-कानूनी तरीके से बनाने के लिए मशीनरी और उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस जानकारी पर तुरंत कार्रवाई करते हुए, सीबीए की टीम ने स्थानीय पुलिस, राज्य औषधि विभाग और खाद्य विभाग के अधिकारियों की मदद से उस जगह पर संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान विनिर्माण से जुड़ी कई मशीनें, उपकरण, रसायन और आर्टिफिशियल फ्लेवरिंग एजेंट बरामद किए गए। पूरी गैर-कानूनी विनिर्माण इकाई को बंद कर दिया गया और एनडीपीएस अधिनिय, 1985 के प्रावधानों के तहत सभी मशीनरी, उपकरणों और संबंधित सामान को ज़ब्त कर लिया गया।

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