उत्तराखंड: छात्रों के लिए ‘आपत्तिजनक भाषा’ के इस्तेमाल पर भाजपा अध्यक्ष से बिना शर्त माफी की मांग

img

देहरादून, रविवार, 26 जुलाई 2026। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट द्वारा धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे देने पर प्रतिक्रिया देते हुए विद्यार्थियों के लिए कथित ‘आपत्तिजनक’ भाषा का प्रयोग करने पर कांग्रेस ने कड़ी नाराजगी जताई और उनसे बिना शर्त माफी की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भट्ट ने परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हजारों युवाओं और विद्यार्थियों का अपमान किया है। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भट्ट के अपशब्दों वाली भाषा को सुनकर प्रतीत होता है कि वह प्रधान के इस्तीफे से कितना आहत हैं। गोदियाल ने भट्ट को यह भी याद दिलाया कि इसी प्रकार के अपशब्दों के कारण आपके एक मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को मंत्री पद छोड़कर घर बैठना पड़ा था लेकिन इसके बाद फिर उन्होंने विद्यार्थियों के लिए ऐसे अपशब्दों का प्रयोग किया।

कांग्रेस नेता ने कहा, “यह विद्यार्थियों और यहां के लोगों के प्रति आपकी भावनाओं को प्रदर्शित करता है। यह बात आगे बढ़े, इससे पहले आपको क्षमां मांग लेनी चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो इस मांग के पूरा होने तक छात्र और युवा भट्ट के घर के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे। वहीं भट्ट ने एक वीडियो जारी कर कहा कि विपक्ष द्वारा उनके बयान को गलत ढ़ंग से प्रचारित किया जा रहा है जबकि उन्होंने इस प्रकार की शब्दावली का प्रयोग नहीं किया।

उत्तराखंड भाजपा के मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने एक बयान जारी कर कहा कि प्रदेश पार्टी अध्यक्ष द्वारा प्रधान के इस्तीफे से संबंधित बयान को गलत अर्थों में उच्चारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह बहुत दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है कि उसे आपत्तिजनक शब्दावली के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। कृपया इसे उचित शब्दावली एवं अर्थों के संदर्भ में समझें और प्रयोग करें।” हाल में उत्तराखंड प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) में कथित प्रश्न पत्र लीक का मामला सामने आया था और इससे पहले भी प्रश्न पत्र लीक का मुद्दा राज्य में बड़ा राजनीतिक विषय बना हुआ है। कांग्रेस लगातार धामी सरकार पर विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर हमला बोलती रही है। वहीं, राज्य सरकार ने कहा कि उसने प्रश्न पत्र लीक के मामलों में किसी प्रकार की कोई नरमी नहीं बरतने की नीति अपनाई है और सख्त नकल विरोधी कानून लागू करने तथा प्रश्न पत्र लीक मामलों में कई आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा है।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement