ब्रिक्स देशों को भविष्य के अनुकूल परिवहन व्यवस्था के लिए मिलकर करना होगा काम : गडकरी

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नई दिल्ली, शनिवार, 11 जुलाई 2026। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ब्रिक्स समूह में टिकाऊ, सुरक्षित, समावेशी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए परस्पर सहयोग बढ़ाने की ज़रूरत पर बल देते हुए सभी देशों से मिलकर काम करने का आह्वान किया है। श्री गडकरी ने नागपुर ब्रिक्स देशों के परिवहन मंत्रियों की तीसरी बैठक का उद्घाटन करते हुए शनिवार को कहा कि बैठक में विचार के लिए परिवहन व्यवस्था का जो एजेंडा तैयार किया है ,वह महत्वपूर्ण है क्योंकि बदलती अर्थव्यवस्थाओं के लिए परिवहन भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती है और इस चुनौती पर समूह के सभी देशों का मिलकर ध्यान देना आवश्यक हो गया है।

उन्होंने कहा कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच परिवहन क्षेत्र में सहयोग से काम करने की जरूरत है क्योंकि ब्रिक्स देशों में अर्थव्यवस्थाएं तेजी से बदल रही हैं और बदलती अर्थव्यवस्थाओं के बीच इस समूह में नवाचार, साझेदारी और साझा जिम्मेदारी के जरिए पूरी वैश्विक परिवहन व्यवस्था की दिशा तय करने की क्षमता है। नागपुर में भारत की अध्यक्षता में आयोजित तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री गडकरी ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ है, जो ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना और ‘मानवीयता प्रथम” दृष्टिकोण से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि विश्व की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले ब्रिक्स देश स्वच्छ, सुरक्षित, स्मार्ट और दक्ष परिवहन प्रणाली विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क विकसित किया है तथा एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे और मल्टीमॉडल संपर्क का तेजी से विस्तार किया है। दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा, सोनमर्ग सुरंग और 10 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं आधुनिक अवसंरचना, पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी नवाचार के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का उदाहरण हैं। रेलवे, समुद्री और विमानन क्षेत्रों में भी व्यापक आधुनिकीकरण हुआ है। उन्होंने ब्रॉडगेज नेटवर्क के लगभग पूर्ण विद्युतीकरण, वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना, मैरीटाइम अमृत काल विजन-2047, ग्रीन शिपिंग पहल और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से मल्टीमॉडल संपर्क और लॉजिस्टिक्स क्षमता को मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता भारत की परिवहन नीति के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के नकद-रहित उपचार के लिए पीएम-राहत योजना तथा सड़क निर्माण में प्लास्टिक कचरा, फ्लाई ऐश, स्टील स्लैग, बांस और अनुपयोगी टायरों जैसे पुनर्चक्रित संसाधनों के उपयोग को हरित अवसंरचना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। श्री गडकरी ने कहा कि अवसंरचना वित्तपोषण, यातायात जाम, प्रदूषण, सड़क सुरक्षा और अंतिम छोर तक संपर्क जैसी साझा चुनौतियों के समाधान के लिए ब्रिक्स देशों के बीच ज्ञान साझा करने, क्षमता निर्माण, तकनीकी सहयोग तथा हरित हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, वैकल्पिक ईंधन और डिजिटल परिवहन प्रणालियों पर संयुक्त शोध को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि बैठक के विचार-विमर्श से ब्रिक्स देशों के बीच परिवहन सहयोग और मजबूत होगा। ब्रिक्स के सदस्यों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब शामिल है।

 

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