एसएसबी ने जवानों के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पहल शुरू की

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नई दिल्ली, मंगलवार, 02 जून 2026। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने अपने कर्मियों के बच्चों की शैक्षणिक सहायता और उन्हें समग्र विकास के अवसर प्रदान करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाला एसएसबी देश के पांच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में से एक है। इस बल पर नेपाल और भूटान के साथ लगती लगभग 2,400 किलोमीटर लंबी सीमाओं की सुरक्षा का जिम्मा है।

बयान के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य बल के कर्मियों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण और किफायती शिक्षा सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही उन्हें कौशल विकास, नवाचार, अनुसंधान, इंटर्नशिप, उद्यमिता सहायता, करियर परामर्श और प्लेसमेंट सहायता के अवसर उपलब्ध कराना है। बल ने पिछले कुछ वर्षों में अपने कल्याणकारी उपायों के तहत विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के साथ इस तरह के समझौते किए हैं। एसएसबी के महानिदेशक संजय सिंघल ने कहा कि बल ने हमेशा अपने कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि एसएसबी जवान सीमाओं पर अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की सेवा करते हैं, इसलिए उनके बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना बल की "नैतिक जिम्मेदारी" है।

समझौते के तहत, एसएसबी के शहीदों के बच्चों के लिए एक प्रमुख स्कूल में 10 सीटें पूरी तरह निशुल्क होंगी, जहां केवल भोजन शुल्क देय होगा। इसके अतिरिक्त, एसएसबी कर्मियों के 250 पात्र बच्चों को फीस में 60 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। समझौता ज्ञापन के मुताबिक, एक जनसंपर्क कार्यक्रम के अंतर्गत 50 सीटों पर 40 प्रतिशत शुल्क रियायत का भी प्रावधान किया गया है। उच्च शिक्षा क्षेत्र में, जीआईटीएएम विश्वविद्यालय में एसएसबी शहीदों के बच्चों के लिए पांच सीटें होंगी।

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