साकेत की इमारत को एमसीडी ने अवैध निर्माण घोषित किया था पर नहीं हुई कार्रवाई: आप
नई दिल्ली, सोमवार, 01 जून 2026। आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को दावा किया कि शनिवार को साकेत में ढही इमारत को नगर निगम (एमसीडी) ने 2015 में ही अवैध निर्माण घोषित कर दिया था लेकिन इसके मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 'एक्स' पर पुराने पत्र पोस्ट किए जिनमें एमसीडी के अधिकारियों ने इमारत को अनधिकृत बताया था। भारद्वाज ने अपनी पोस्ट में लिखा, ''2015 में एमसीडी ने इस 700 वर्ग गज की इमारत पर अनधिकृत निर्माण का मामला दर्ज किया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 2021 में उच्च न्यायालय के निर्देश पर एमसीडी ने निर्माण को अनधिकृत माना और ध्वस्त करने का फैसला किया, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।'' इस मामले पर एमसीडी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि 2021 से 2026 के बीच तीन मंजिला इमारत को ढहाया तो नहीं गया बल्कि इसे ''किराए पर चढ़ा दिया गया'' और लोग उसमें रहने लगे। उन्होंने कहा, ''मार्च 2026 में शिकायतों के आधार पर पुलिस ने एमसीडी को सूचित किया कि इमारत पर अवैध रूप से चौथी और पांचवीं मंजिल बनाई जा रही है, जिससे यह खतरा बढ़ गया।''
'आप' नेता ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने इसी साल मार्च में इमारत पर हो रहे अवैध निर्माण के बारे में दो लिखित शिकायतें भेजी थीं। उन्होंने सवाल उठाया, ''दिल्ली के उप राज्यपाल साहब को जवाब देना चाहिए कि उपायुक्त राकेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता जैसे छोटे लोगों को बलि का बकरा क्यों बनाया गया?'' शनिवार शाम दक्षिण दिल्ली में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास एक बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत ढह गई थी जिसमें कोचिंग सेंटर, कैफे और दफ्तर थे। इस हादसे में छह लोगों की जान गई और आठ अन्य घायल हो गए।
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