नीट मामले पर जेपीसी का गठन हो, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें : कांग्रेस
नई दिल्ली, मंगलवार, 13 मई 2026। कांग्रेस ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी को रद्द किए जाने का हवाला देते हुए बुधवार को कहा कि इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और पेपर लीक मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन होना चाहिए। कांग्रेस की युवा ईकाई भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब और छात्र इकाई एनएसयूआई के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने पार्टी कार्यालय में संवाददाताओं से यह भी कहा कि सरकार को परीक्षा रद्द होने से प्रभावित बच्चों को उचित मुआवजा प्रदान करना चाहिए।
चिब ने कहा, "नीट पेपर लीक एक बड़ा मुद्दा है। पिछले 10 साल में 89 पेपर लीक हुए हैं और 48 बार दोबारा परीक्षाएं हुई हैं। यानी सरकार ने बच्चों के प्रति अपनी जवाबदेही ख़त्म कर दी है।" उन्होंने कहा, "हम उन बच्चों की जगह खुद को रखकर देखें तो शायद उनका दर्द महसूस कर पाएं। बच्चे मेहनत से परीक्षा देते हैं, लेकिन जब पेपर लीक होता है तो उनका सिस्टम से भरोसा उठ जाता है।" युवा कांग्रेस के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इस नाकामी की जिम्मेदार भाजपा सरकार है। उनका कहना था, "भाजपा दावा करती है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो देशों के बीच का युद्ध रुकवा देते हैं, लेकिन सच यह है कि वह पेपर लीक नहीं रोक पा रहे हैं।"
उन्होंने सवाल किया कि एनटीए का ऑडिट कौन करता है और निजी वेंडर को किस आधार पर काम दिया जाता है? चिब ने कहा, "हमारी मांग है कि शिक्षा मंत्री तत्काल इस्तीफा दें, सरकार बच्चों को मुआवजा दे और नीट पेपर लीक पर जेपीसी का गठन हो । विनोद जाखड़ ने दावा किया कि इस पेपर लीक का केंद्र राजस्थान रहा और यह भी सामने आ गया है कि इसे राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था, जिसने लाखों बच्चों का भविष्य तबाह कर दिया।
उन्होंने कहा, "आखिर क्या कारण है कि पिछले 10 साल में 89 पेपर लीक हुए हैं, 4 बार नीट का पेपर लीक हुआ और 48 बार दोबारा परीक्षाएं हुईं। ये घटनाएं हमारी शिक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है। हमारे छात्र जान चुके हैं कि मोदी सरकार नाकाम है। इसे लेकर छात्रों में भारी हताशा है।" राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी-2026' को इसका प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की थी तथा सरकार ने सीबीआई को इन 'अनियमितताओं' की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया था। एनटीए ने कहा था कि यह परीक्षा अलग से अधिसूचित तिथियों पर पुनः आयोजित की जायेगी।
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