बरेली हिंसा : तौकीर रजा समेत छह आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

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बरेली (उप्र), शनिवार, 08 नवंबर 2025। बरेली की एक अदालत ने ‘‘आई लव मोहम्मद’’ पोस्टर विवाद को लेकर 26 सितंबर को हुई हिंसा के मामले में आरोपी इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा समेत छह आरोपियों की जमानत याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। इन सभी पर गत 26 सितंबर को बरेली शहर में पुलिस पर पथराव, गोलीबारी और तेजाब से हमला करने का आरोप है। छह आरोपियों में से दो बिहार के पूर्णिया जिले के निवासी हैं।

अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) महेश पाठक ने शनिवार को बताया कि 26 सितंबर को शहर में लागू निषेधाज्ञा के बावजूद मौलाना तौकीर रजा ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से इस्लामिया मैदान में इकट्ठा होने का आह्वान किया था। पुलिस के हस्तक्षेप करने पर भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। पाठक ने बताया कि दंगाइयों ने अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) के गनर की राइफल और पुलिस जीप से एक वायरलेस सेट भी चुरा लिया। इस सिलसिले में कोतवाली, बारादरी, प्रेमनगर, कैंट और किला थानों में 10 मामले दर्ज किये गये। इन मामलों में 125 से ज्यादा नामजद और 2500 से अधिक अज्ञात आरोपी हैं। उन्होंने बताया कि मामले के प्रमुख आरोपी मौलाना तौकीर रजा वर्तमान में फतेहगढ़ जेल में बंद हैं। अन्य आरोपी बरेली जेल में हैं।

पाठक ने यह भी बताया कि मौलाना तौकीर रजा के वकील ने बारादरी थाना क्षेत्र के श्यामगंज में हुई हिंसा के मामले में जमानत याचिका दायर की है। शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (बरेली) अमृता शुक्ला की अदालत में इस अर्जी पर सुनवाई हुई जहां मौलाना तौकीर रजा, फैजान सकलानी, तकीम और मुनीर इदरीशी (सभी बरेली जिले के निवासी) और बिहार के पूर्णिया जिले के निवासी हरमन और नेमतुल्लाह की जमानत याचिका खारिज कर दी गई। रजा 27 सितंबर से फतेहगढ़ केंद्रीय कारागार में बंद हैं। उन्हें घटना के सिलसिले में शहर भर के विभिन्न थानों में दर्ज 10 में से सात मुकदमों में आरोपी बनाया गया था, जबकि जांच के दौरान शेष तीन मुकदमों में भी उनका नाम जोड़ा गया।

 

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