दिल्ली दंगा: उच्चतम न्यायालय उमर खालिद, शरजील इमाम की जमानत याचिका पर करेगा सुनवाई
नई दिल्ली, रविवार, 26 अक्टूबर 2025। उच्चतम न्यायालय दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए दंगों के पीछे की कथित साजिश से जुड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) मामले में कार्यकर्ताओं उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा और मीरान हैदर की जमानत याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई करेगा। इस मामले पर सुनवाई न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ कर सकती है। शीर्ष अदालत ने 22 सितंबर को दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। कार्यकर्ताओं ने दो सितंबर को पारित दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में फरवरी 2020 में हुए दंगों के पीछे कथित साजिश से जुड़े आतंकवाद विरोधी कानून के एक मामले में जेल में बंद कार्यकर्ताओं उमर खालिद और शरजील इमाम समेत नौ लोगों को जमानत देने से इनकार कर दिया था। उच्च न्यायालय ने कहा था कि नागरिकों को विरोध प्रदर्शन की आड़ में ‘‘षड्यंत्रकारी’’ हिंसा की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने शरजील इमाम, उमर खालिद, मोहम्मद सलीम खान, शिफा उर रहमान, अतहर खान, मीरान हैदर, अब्दुल खालिद सैफी, गुलफिशा फातिमा और शादाब अहमद की जमानत याचिकाओं पर फैसला सुनाया था। एक अन्य आरोपी तस्लीम अहमद की जमानत याचिका उच्च न्यायालय की एक अन्य पीठ ने दो सितंबर को खारिज कर दी थी।
खालिद, इमाम और अन्य पर फरवरी 2020 के दंगों का मुख्य षड्यंत्रकारी होने के आरोप में यूएपीए और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। आरोपी 2020 से जेल में हैं और उन्होंने अपनी जमानत याचिका खारिज करने के अधीनस्थ अदालत के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया था।
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