छत्तीसगढ़ में दो ननों की गिरफ्तारी पर संसद परिसर में यूडीएफ सांसदों जताया विरोध, रिहाई की मांग की
नई दिल्ली, सोमवार, 28 जुलाई 2025। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में दो कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल समेत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के सांसदों ने सोमवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर कथित मानव तस्करी और जबरन धर्मांतरण के आरोप में दो ननों सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। एक सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) अधिकारी ने रविवार को इसकी जानकारी दी थी। अधिकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई बजरंग दल के एक स्थानीय पदाधिकारी की शिकायत के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ये तीनों व्यक्ति नारायणपुर की तीन लड़कियों का जबरन धर्मांतरण और तस्करी कर रहे थे।
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस के के. सी. वेणुगोपाल, आरएसपी के एन. के. प्रेमचंद्रन और आईयूएमएल के ई. टी. मोहम्मद बशीर सहित यूडीएफ सांसदों ने संसद भवन परिसर के मकर द्वार के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान वे पोस्टर लिए हुए थे जिन पर ‘अल्पसंख्यकों पर हमले बंद करो’ लिखा था। वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “यूडीएफ सांसदों ने दुर्ग (छत्तीसगढ़) में कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी और उत्पीड़न के खिलाफ आज संसद के बाहर प्रदर्शन किया। इन निर्दोष महिलाओं ने कुछ भी गलत नहीं किया लेकिन फिर भी हिंसक भीड़ ने उन्हें निशाना बनाया।”
उन्होंने आरोप लगाया, “भाजपा-आरएसएस के परिवेशी तंत्र के तहत सभी अल्पसंख्यकों को अपराधी समझा जाता है और असामाजिक तत्वों को उनकी आस्था का पालन कर रहे नागरिकों को डराने के लिए छोड़ दिया जाता है। छत्तीसगढ़ में बजरंग दल के गुंडों और पुलिस के बीच की यह जुगलबंदी भाजपा की धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रति वास्तविक मंशा को दर्शाती है।” कांग्रेस नेता ने कहा कि वे ननों की तत्काल रिहाई और उनके साथ न्याय की मांग करते हैं। इससे पहले रविवार को कांग्रेस की केरल इकाई ने भी इस घटना को लेकर भाजपा और संघ परिवार की तीखी आलोचना की थी। वेणुगोपाल और केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीसन ने इसे भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यकों पर हमलों का एक और उदाहरण बताया।
एक अन्य पोस्ट में वेणुगोपाल ने लिखा, “छत्तीसगढ़, ओडिशा या मध्य प्रदेश जैसे भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यकों पर हमलों में तेजी आई है। दुर्ग की घटना शासन व्यवस्था की ओर से ऐसे अपराधों के लिए परोक्ष समर्थन का संकेत देती है।” उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और संविधान के तहत अल्पसंख्यकों के मौलिक अधिकारों को सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
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