अंडमान के डीजीपी ने अत्याधुनिक साइबर अपराध जांच केंद्र का उद्घाटन किया

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पोर्ट ब्लेयर, गुरुवार, 24 जुलाई 2025। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एच.जी.एस. धालिवाल ने अत्याधुनिक साइबर अपराध जांच केंद्र का उद्घाटन किया। डीजीपी ने बुधवार को कहा कि यह केंद्र द्वीपसमूह में साइबर अपराध की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र में एक त्वरित प्रतिक्रिया दल होगा जो पीड़ितों की शिकायतों का शीघ्र समाधान करेगा और अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से साइबर अपराधों की कड़ी का प्रभावी ढंग से पता लगा सकेगा।

सीआईडी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार मीणा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में बताया, “साइबर अपराध जांच इकाई के तहत एक हेल्पलाइन (1930) शुरू की जाएगी, जिस पर पीड़ित अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।” उन्होंने कहा, “इस इकाई की स्थापना इस दृष्टिकोण से की गई है कि नागरिकों को एक तकनीक-सक्षम और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाला मंच मिल सके, जहां वे साइबर अपराध की घटनाओं की रिपोर्ट कर सकें, मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें और शीघ्र समाधान सुनिश्चित हो सके।”

मीणा ने बताया कि यह विशेष इकाई प्रशिक्षित कर्मियों और साइबर अपराध जांचकर्ताओं की टीम द्वारा संचालित की जाएगी। यह हेल्पलाइन ऑनलाइन धोखाधड़ी, वित्तीय घोटालों, सोशल मीडिया पर दुर्व्यवहार और अन्य साइबर अपराधों से संबंधित शिकायतों के लिए पहला संपर्क बिंदु होगी। यह इकाई आधुनिक अवसंरचना और 'इंटेलिजेंट कॉल हैंडलिंग' सिस्टम से लैस है। यह साइबर अपराध पुलिस थाने और राष्ट्रीय स्तर के संबंधित प्लेटफार्मों के बीच समन्वय को सहज बनाएगी, ताकि समय पर हस्तक्षेप और प्राथमिकी दर्ज कराया जा सके।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “डिजिटल युग में अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए हमारा प्रयास सभी द्वीपवासियों के लिए एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाना है।” इससे पहले, अंडमान और निकोबार पुलिस ने एक अत्याधुनिक चैटबॉट भी पेश किया था जो साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने और रिपोर्टिंग की सुविधा देने में सहायता कर रहा है। यह चैटबॉट स्पैम कॉल, मोबाइल फोन की चोरी या गुमशुदगी की रिपोर्ट और त्वरित मार्गदर्शन देने में सहायक साबित हो रहा है।

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