कर्नाटक मंत्रिमंडल ने राज्य में नए सिरे से जाति आधारित सर्वेक्षण कराने का फैसला किया : सिद्धरमैया
बेंगलुरु, गुरुवार, 12 जून 2025। कर्नाटक मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को सर्व सम्मति से नया सामाजिक-शैक्षणिक सर्वेक्षण कराने का फैसला किया जिसे राज्य में आम बोलचाल की भाषा में ‘जातिगत गणना’ कहा जाता है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मंत्रिमंडल की विशेष बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘ ...हमने मंत्रिमंडल में फैसला लिया है। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नया सर्वेक्षण कराया जाए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ सरकार कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग से विचार विमर्श करेगी...हम नया सर्वेक्षण करने और रिपोर्ट देने के लिए 90 दिन का समय देने जा रहे हैं।’’
राज्य मंत्रिमंडल का यह निर्णय मंगलवार को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा राज्य सरकार को कर्नाटक में नए सिरे से जाति आधारित सर्वेक्षण कराने के निर्देश के बाद आया है ताकि कुछ समुदायों की चिंताओं का समाधान किया जा सके। इन समुदायों ने शिकायत की थी कि 10 साल पहले किए गए सर्वेक्षण में उन्हें शामिल नहीं किया गया था। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब मंत्रिमंडल पहले से ही सरकार को सौंपी गई सामाजिक-शैक्षणिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पर विचार कर रहा था, जो 2015 में किए गए सर्वेक्षण पर आधारित थी।
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