मंत्रिमंडल ने भारत-यूएई द्विपक्षीय निवेश संधि पर हस्ताक्षर को मंजूरी दी
सरकार ने बृहस्पतिवार को भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) पर हस्ताक्षर को मंजूरी दे दी। इस समझौते से दोनों देशों के बीच निवेश को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज भारत और यूएई के बीच बीआईटी पर हस्ताक्षर और अनुमोदन को मंजूरी दी है।”
बयान में कहा गया कि इस संधि से निवेशकों, विशेषकर बड़े निवेशकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है। इसके चलते विदेशी निवेश और विदेशों में प्रत्यक्ष निवेश (ओडीआई) के अवसरों में वृद्धि होगी। आगे चलकर रोजगार सृजन पर इसका सकारात्मक असर हो सकता है। बयान के मुताबिक, ‘‘इस मंजूरी से भारत में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। इससे घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने, आयात पर निर्भरता कम करने, निर्यात बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।’’ दोनों देशों ने मई, 2022 में एक मुक्त व्यापार समझौता भी लागू किया था। भारत में अप्रैल, 2000 से सितंबर, 2023 के बीच 16.7 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है।
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