कब है वैकुंठ एकादशी? यहाँ जानिए शुभ महूर्त और पारण-समय
वैकुंठ एकादशी मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को भी बोलते हैं। पंचांग के अनुसार, इस महीने यह एकादशी 23 दिसंबर, शनिवार को है। इस दिन प्रभु श्री विष्णु की पूजा का विधान है। मान्यता है कि वैकुण्ठ एकादशी के दिन विधि-विधान से व्रत रखने एवं पूजा करने से मनोकामना पूरी होती है। वैकुंठ एकादशी के लिए शुभ मुहूर्त, पारण समय और व्रत-नियम यहां जानिए।
वैकुंठ एकादशी शुभ मुहूर्त, पारण-समय
पंचांग के मुताबिक, दिसंबर माह में वैकुंठ एकादशी का व्रत 23 तारीख को रखा जाएगा। एकादशी तिथि की शुरुआत 22 दिसंबर को प्रातः 8 बजकर 16 मिनट से आरम्भ होगी। जबकि इस तिथि की समाप्ति 23 दिसंबर को प्रातः 7 बजकर 11 मिनट पर होगी। वैकुंठ एकादशी के लिए पारण का शुभ समय 24 दिसंबर को प्रातः 7 बजकर 11 मिनट से 9 बजकर 15 मिनट तक है।
वैकुंठ एकादशी व्रत के दौरान क्या करना है शुभ?
वैकुंठ एकादशी व्रत के चलते संयम रखना चाहिए। इसके साथ ही इस दिन व्रत के नियम का पालन करना चाहिए। यदि इस दिन व्रत रखते हैं तो नमक का सेवन न करें। जो लोग बिना जल ग्रहण किए व्रत नहीं रख सकते वे फलाहार कर सकते हैं। एकादशी की पूजा के चलते मन को बिल्कुल शांत रखने का प्रयास करें। प्रभु श्री विष्णु के प्रति अगर मन लगाएंगे तो अच्छा रहेगा।
वैकुंठ एकादशी व्रत के चलते क्या न करें
धार्मिक मान्यता के मुताबिक, एकादशी व्रत के चलते किसी के भी प्रति मन में बुरे विचार न लाएं। ऐसा इसलिए, क्योंकि कहा जाता है कि इससे व्रत से प्राप्त होने वाले पुण्य फल प्राप्त नहीं होते। व्रत के चलते किसी को भी अपशब्द न कहें। एकादशी के दिन भात (पका हुआ चावल) नहीं खाना चाहिए। इस दिन चपाती का सेवन अच्छा माना गया है।
Similar Post
-
मलयालम नव वर्ष की शुरुआत के साथ शबरिमला मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला
शबरिमला (केरल), सोमवार, 17 अगस्त 2026। ‘चिंगम’ महीने और मलयाल ...
-
श्री अमरनाथ यात्रा के 5,300 से ज़्यादा तीर्थयात्रियों का नया जत्था जम्मू से हुआ रवाना
जम्मू, मंगलवार, 14 जुलाई 2026। श्री अमरनाथ यात्रा के 5,300 से ज़्या ...
-
लगभग 5,000 अमरनाथ यात्रियों का तीसरा जत्था जम्मू से कश्मीर रवाना
जम्मू, शनिवार, 04 जुलाई 2026। अमरनाथ की वार्षिक यात्रा में शामि ...
