जब तक राज्यपाल हमसे नहीं मिलेंगे हम एक इंच भी नहीं हिलेंगे: अभिषेक
कोलकाता, शुक्रवार, 06 अक्टूबर 2023। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी को कथित केंद्रीय बकाया धनराशि जारी करने की मांग को लेकर दूसरे दिन भी राजभवन के सामने धरना जारी रहा और उन्होंने कहा कि उनका धरना तब तक जारी रहेगा जब तक राज्यपाल सी वी आनंद बोस उनसे नहीं मिलते। राष्ट्रीय राजधानी में दो अक्टूबर से तीन दिनों तक धरना देने के बाद श्री बनर्जी ने गुरुवार से यहां राजभवन गेट के सामने धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व किया। सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल ने कल बाढ़ प्रभावित उत्तरी बंगाल के जिलों का दौरा किया और वहां से नई दिल्ली लौट आये। तृणमूल कांगेस ने शुक्रवार को कहा गया, ''जैसा कि वादा किया गया था कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में हमारा प्रतिनिधिमंडल तब तक अपना अनिश्चितकालीन धरना जारी रखेंगे जब तक राज्यपाल से उनसे मिलने नहीं आते।
बयान में कहा गया, ऐसा लगता है कि माननीय राज्यपाल अपने काव्यात्मक शब्दों के पीछे की विडंबना को नहीं देख सकते। आइए इसे स्पष्ट करें। बनर्जी ने कहा, ''हमने केंद्र की वंचित रखने की राजनीति और मनरेगा के तहत पहले ही अपनी सेवाएं दे चुके 20 लाख श्रमिकों का वेतन रोकने के अमानवीय फैसले के विरोध में राजभवन अभियान का आह्वान किया था। डायमंड हार्बर के सांसद ने कहा, ''जब हमने यह घोषणा की, राज्यपाल कोलकाता में नहीं बल्कि केरल में थे। जहां तक मुझे मामलू था कि उन्हें 04 अक्टूबर को कोलकाता लौटना था। हमारे कार्यक्रम की घोषणा के लगभग 30 मिनट ही हालांकि उनके कार्यालय से एक संदेश प्रसारित किया गया था कि राज्यपाल 04 अक्टूबर को कोलकाता के बजाय दिल्ली लौटेंगे और बाद में कोलकाता लौट सकते हैं।
इस बीच, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा, ''ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा के लिए धन की कोई कमी नहीं है और उन्होंने दोहराया कि केंद्रीय निर्देशों का पालन न करने के कारण पश्चिम बंगाल के लिए धन जारी नहीं किया गया है। गुरुवार को एक मंत्रिस्तरीय बयान जारी किया गया जिसमें कहा गया , ''केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन न करने के कारण महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 की धारा 27 के प्रावधान के अनुसार 09 मार्च, 2022 से पश्चिम बंगाल राज्य का फंड रोक दिया गया है। केंद्रीय आरआरडी मंत्रालय ने बताया कि 04 अक्टूबर तक योजना के लिए 60 हजार करोड़ करोड़ रुपये के बजट में से 56,105.69 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। ''इसके कार्यक्रम कार्यान्वयन के लिए धन की उपलब्धता कोई बाधा नहीं है।
Similar Post
-
हिमाचल को 2027 तक आत्मनिर्भर और 2032 तक समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य: सीएम सुक्खू
सोलन, शुक्रवार, 25 सितंबर 2026। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सु ...
-
निवेश का झूठा प्रचार, एमएसएमई बर्बाद: अखिलेश यादव
लखनऊ, शुक्रवार, 25 सितंबर 2026। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध ...
-
मुख्य निर्वाचन आयुक्त की गिरफ्तारी के लिए आइसा ने किया प्रदर्शन
नई दिल्ली, शुक्रवार, 25 सितंबर 2026। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसि ...
