कब है अधिक मास की अमावस्या? जानिए शुभ मुहूर्त और उपाय
इस वर्ष अधिक मास अमावस्या 16 अगस्त दिन बुधवार को है. अधिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 15 अगस्त को दोपहर 12:42 बजे से प्रारंभ हो जाएगी तथा यह तिथि 16 अगस्त को दोपहर 03:07 बजे तक उपस्थित रहेगी. उसके पश्चात् से सावन शुक्ल पक्ष प्रारंभ हो जाएगा. अमावस्या के दिन स्नान–दान, पूजा–पाठ और पितरों को प्रसन्न करने के लिए तर्पण या पिंडदान करना बहुत शुभ माना जाता है। इसके अतिरिक्त, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना भी बेहद फलदाई होता है।
अधिक मास के अमावस्या तिथि की शुरुआत 15 अगस्त के दिन सोमवार को दोपहर 12 बजकर 42 मिनट पर होगी। जबकि इसकी समाप्ति 16 अगस्त, मंगलवार की दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर होगी। हालांकि, उदया तिथि मान्य होने की वजह से अधिक मास की अमावस्या 16 अगस्त को मनाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, इस दिन अधिक मास का पांचवा मंगला गौरी व्रत भी रखा जाएगा।
अमावस्या तिथि का उपाय:-
अमावस्या के दिन सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में गोचर करते हैं जिसके कारण चंद्रमा कमजोर हो जाता है। अमावस्या को रिक्ता तिथि कहे जाने की वजह से इस दिन कोई शुभ कार्य शुरू नहीं होता। अमावस्या के दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए जरूरतमंद व्यक्तियों को दवा, वस्त्र और भोजन दान किया जाता है। इससे अपने पितरों को प्रसन्न किया जा सकता है।
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