विनायक चतुर्थी के दिन जरूर पढ़े यह कथा, पूरी होगी हर मनोकामना
हिंदू धर्म में हर चतुर्थी तिथि को व्रत रखने और विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा करने का विधान है। जी दरअसल हर महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। वहीं भगवान गणेश के भक्त शुक्ल चतुर्थी को विनायक चतुर्थी का व्रत रखते हैं और इसी के साथ इस दिन प्रथम पूज्य माने जाने वाले देवता भगवान श्री गणेश जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। जी दरअसल हिंदू धर्म शास्त्रों में आषाढ़ माह की विनायक चतुर्थी की महत्ता का वर्णन किया गया है। वहीं अगर हम शास्त्रों के अनुसार देखे तो आषाढ़ माह की विनायक चतुर्थी को भगवान श्री गणेश की विधि पूर्वक पूजा करने और व्रत रखने से विघ्नहर्ता की कृपा प्राप्त होती है। आप सभी को बता दें कि श्री गणेश की कृपा पाने के लिए भक्तों को चाहिए कि वह विनायक चतुर्थी व्रत कथा जरुर पढ़ें। जी हाँ क्योंकि इस कथा को पढ़ने से ही व्रत सफल हो पाता है।
विनायक चतुर्थी तिथि व मुहूर्त
- आषाढ़ चतुर्थी तिथि प्रांरभ - 2 जुलाई 2022 शनिवार को दोपहर बाद 03:16 मिनट से
- चतुर्थी तिथि समाप्त -3 जुलाई रविवार को शाम 05:06 तक
- व्रत व पूजन का शुभ मुहूर्त - 3 जुलाई को सुबह 11:02 से दोपहर बाद 01:49 तक
विनायक चतुर्थी व्रत कथा: एक बार नर्मदा नदी के तट पर माता पार्वती और भगवान शिव समय व्यतीत करने के लिए चौपड़ खेल रहे थे। भगवान शिव ने एक मिट्टी के पुतले में जान डालकर उसे इस खेल के विजेता का निर्णय करने के लिए कहा। चौपाल खेल में तीनों बार भगवान शिव हार गए, परंतु निर्णय के समय उस बालक ने भगवान शिव को विजेता घोषित कर दिया। इससे माता पार्वती ने रुष्ट होकर उस बालक को श्राप दे दिया। बालक ने अपनी गलती एहसास करते हुए माता पार्वती जी से क्षमा याचना की। तब माता पार्वती ने कहा कि श्राप वापस तो नहीं होगा परंतु श्रीगणेश की पूजा के लिए यहां नागकन्याएं आएंगी। तुम उनके बताये के अनुसार व्रत करना। तो श्राप मुक्त हो जाओगे। एक वर्ष बाद वहां नागकन्याएं आईं। तब बालक ने नागकन्याओं से व्रत विधि जानकर 21 दिनों तक भगवान श्री गणेश का व्रत व पूजन किया। तब भगवान श्रीगणेश के आशीर्वाद से वः बालक श्राप मुक्त हुआ।
Similar Post
-
मलयालम नव वर्ष की शुरुआत के साथ शबरिमला मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला
शबरिमला (केरल), सोमवार, 17 अगस्त 2026। ‘चिंगम’ महीने और मलयाल ...
-
श्री अमरनाथ यात्रा के 5,300 से ज़्यादा तीर्थयात्रियों का नया जत्था जम्मू से हुआ रवाना
जम्मू, मंगलवार, 14 जुलाई 2026। श्री अमरनाथ यात्रा के 5,300 से ज़्या ...
-
लगभग 5,000 अमरनाथ यात्रियों का तीसरा जत्था जम्मू से कश्मीर रवाना
जम्मू, शनिवार, 04 जुलाई 2026। अमरनाथ की वार्षिक यात्रा में शामि ...
