निर्जला एकादशी के दिन ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा, पूरी होगी हर मनोकामना
सनातन धर्म में निर्जला एकादशी की खास अहमियत मानी गई है। निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है। प्रत्येक वर्ष कई एकादशी तिथियां आती हैं किन्तु ये सबसे अधिक अहम है। ऐसा कहा जाता हैं कि निर्जला एकादशी का व्रत करने वालों को सभी पापों से छुटकारा मिल जाता है तथा उन्हें पुण्य की प्राप्ति होती है। वही इस दिन उपवास करने से जिंदगी में संपन्नता आती है। निर्जला एकादशी का व्रत इस बार शुक्रवार, 10 जून को रखा जाएगा। आइए जानते हैं कि निर्जला एकादशी के व्रत में कौन सी गलतियां करने से बचना चाहिए।
निर्जला एकादशी की पूजा-विधि:-
निर्जला एकादशी व्रत से एक रात पहले मतलव कि दशमी के दिन से ही व्रत आरम्भ हो जाता है। इसलिए दशमी को रात में खाना खाने के बाद अच्छे से मुंह साफ कर लेना चाहिए जिससे मुंह जूठा न रहे। निर्जला एकादशी के दिन प्रातः उठकर नित्यकर्म करने के बाद, नए कपड़े पहनकर पूजाघर में जाएं तथा ईश्वर के सामने व्रत करने का संकल्प मन ही मन दोहराएं। प्रभु श्री विष्णु की आराधना करें तथा मन ही मन श्री हरि के मंत्र 'ओम नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप करते रहें। इस व्रत को करने से मनुष्य के समस्त रोग, दोष तथा पापों का खात्मा होगा। इस दिन मन की सात्विकता का विशेष ख्याल रखें।
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