इंदौर में 92 वर्ष की धैर्यप्रभा ने इच्छाशक्ति के बल पर कोरोना को मात दी

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इंदौर, बुधवार, 05 मई 2021। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के साथ निराश करने वाली खबरों के बीच राहत देने वाली खबरें भी आ रही हैं, बेहतर चिकित्सा सुविधा और मरीज के मनोबल के चलते इस महामारी पर जीत भी हासिल हो रही है। इंदौर में 92 साल की धैर्यप्रभा देवी सोजतिया ने कोरोना को मात देने में सफलता पाई है। धैर्यप्रभा कहती हैं कि कोरोना से डरे नहीं लड़ने की क्षमता पैदा करें। मध्य प्रदेश में कोरोना का कहर बना हुआ है, प्रदेश के हर हिस्से में महामारी का खौफ साफ तौर पर देखा जा सकता है। मरीज ही नहीं उनके परिजन भी इस महामारी का नाम सुनते ही सिहर जाते हैं। वहीं जिनमें इस बीमारी से लड़ने का जज्बा है वे कोरोना योद्धा बनकर सामने आ रहे हैं। इसी तरह का मामला इंदौर का है। यहां 92 साल की धैर्यप्रभा ने अपनी इच्छाशक्ति के बल पर कोरोना को मात देने में सफलता पाई है।

धैर्यप्रभा के पुत्र और राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री सुभाष कुमार सोजतिया बताते हैं कि माताजी के फेफडों में संक्रमण लगभग 65 फीसदी था, उन्हें इंदौर के अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आठ दिन तक इलाज चला। अस्पताल में सेवारत कर्मचारियों का बीमार के प्रति समर्पण देखने लायक है। डॉ. विनोद भंडारी और उनकी टीम हर मरीज का इलाज अपने परिवार के सदस्य की तरह करने में लगी है। अस्पताल में आठ दिन तक उपचाररत रहने के बाद स्वस्थ होकर लौटीं धैर्यप्रभा के चेहरे पर किसी तरह का न तो तनाव है और न ही बीमारी का खौफ। वे कहती हैं कि कोरोना से डरें नहीं, अपने आप में लड़ने की क्षमता पैदा करें। बड़े से बड़ा संकट अपनी इच्छाशक्ति के बल पर टाला जा सकता है।

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