आर्थिक गणना का कार्य निर्धारित समयावधि में सम्पादित करे- अंशदीप

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  • जिला कलक्टर ने ली जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक

बाडमेर। जिला कलक्टर अंशदीप ने सातवीं आर्थिक गणना 2019 के कार्य को सुव्यवस्थित एवं निर्धारित समयावधि में सम्पादित करने के निर्देश दिए है। शुक्रवार सायं भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र में आयोजित सातवीं आर्थिक गणना के सुव्यवस्थित सम्पादन हेतु गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक जिला कलक्टर अंशदीप ने कहा कि सातवीं आर्थिक गणना कॉमन सर्विस सेन्टर के प्रगणकों एवं सुपरवाईजरो के माध्यम से मोबाइल एप पर ऑनलाइन की जाएगी, जिसके आंकड़े पूर्णतया आर्थिक गणना के लिए उपयोग में लिए जाएंगे। उन्होने कहा कि आर्थिक गणना का उपखण्ड स्तर पर पर्यवेक्षण किया जाएगा। उन्होने सीएससी जिला प्रबन्धक को आर्थिक गणना के कार्य हेतु प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की शीध्र नियुक्त कर प्रशिक्षण दिलवाने के निर्देश दिए।

इस दौरान उन्होने वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि आर्थिक गणना निजी क्षेत्र के व्यक्तियों द्वारा सम्पादित होने के कारण लोगों में समझाइश कर उन्हें डेटा संग्रहित करने में सहयोग के लिए प्रेरित करने के साथ समस्याओं को दूर करने के लिए उपखण्ड अधिकारी, विकास अधिकारी, तहसीलदार एवं नगर परिषद के अधिकारियों को अपेक्षित सहयोग किया जाए। उन्होने बताया कि आर्थिक गणना में जिले की सीमाओं में स्थित उद्यमों एवं इकाईयों की गणना की जाएगी।

प्रगणक प्रत्येक घर एवं उद्यम पर जाकर सूचनाएं एकत्रित करेंगे इसलिए सभी परिवारों, उद्यमियों का दायित्व है कि वे प्रगणकों को सही-सही सूचनाएं उपलब्ध कराए। उन्होने जिला उद्योग केन्द्र के अधिकारियों को उद्योग एवं व्यापार संघों की बैठक आयोजित कर आर्थिक गणना में प्रगणकों को सही-सही सूचना उपलब्ध कराने को कहा।   बैठक में आर्थिक एवं साख्यिकी विभाग के सहायक निदेशक जसवन्त गौड़ ने पॉवर प्रजेन्टेशन के माध्यम से आर्थिक गणना के बारे में विस्तार से जानकारी कराई। उन्होने बताया कि आर्थिक गणना जिले की सीमाओं में स्थित समस्त उद्यमों एवं इकाईयों की सम्पूर्ण गणना है जिसमें आर्थिक गतिविधियों में संलिप्त औद्योगिक इकाईयों की गणना के साथ-साथ उद्यम की स्थिति, संकार्य, प्रकृति, स्वामित्व, वित्त प्रबन्धन एवं रोजगार आदि से संबंधित सूचनाएं संकलित की जानी है।

आर्थिक गणना में पारिवारिक उद्यमों सहित समस्त उद्यम जो गैर फॉर्म कृषि तथा अकृषि क्षेत्र में वस्तुओं एवं सेवाओं के उत्पादन या वितरण (स्वयं के व्यक्तिगत उपयोग के अतिरिक्त) से संबंधित है, की गणना की जाएगी। बैठक में यूआईटी सचिव अंजुम ताहिर सम्मा, उपखण्ड अधिकारी नीरज मिश्र, सहायक निदेशक लोक सेवाएं के.के. गोयल, पुलिस उप अधीक्षक विजयसिंह, बीसीसीबी प्रबन्ध निदेशक रामसुख चौधरी, आयुक्त नगर परिषद पवन मीणा समेत विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के शीध्र निस्तारण के निर्देश - जिला कलक्टर अंशदीप ने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को शीध्र निस्तारण करने के निर्देश दिए है। उन्होने विभागवार लम्बित प्रकरणो ंकी समीक्षा की तथा 30 दिन से अधिक अवधि के लम्बित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि जन सुनवाई में प्राप्त होने वाले प्रकरण भी सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज किए जा रहे है, जिनका आगामी जन सुनवाई से पूर्व निस्तारण किया जाना सुनिश्चित करें।  
 

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