महाराष्ट्र चुनाव: शिवसेना का घोषणा पत्र जारी

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  • आरे जंगल और 10 रुपये में खाना समेत ये बड़े वादे शामिल

नई दिल्ली, शनिवार, 12 अक्टूबर 2019। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर शिवसेना ने शनिवार को अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया। पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे, उनके बेटे और वर्ली विधानसभा सीट से उम्मीदवार आदित्य ठाकरे, पार्टी की उपनेता प्रियंका चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से पार्टी का घोषणापत्र जारी किया। इसमें मुंबई की आरे कॉलोनी को वन क्षेत्र घोषित कराए जाने, 10 रुपये में भोजन उपलब्ध कराने समेत कई मुद्दों पर बड़े वादे किए गए हैं। 

ShivSena - शिवसेना@ShivSena

शिवसेना पक्षप्रमुख मा. श्री. उद्धव साहेब ठाकरे आणि युवासेनाप्रमुख @AUThackeray यांनी आज मातोश्री निवासस्थानी "शिवसेना वचननामा २०१९" प्रसिद्ध केला.

यावेळी खासदार @ianildesai जी, सचिव @NarvekarMilind_ जी, सचिव @isurajchavan जी, उपनेत्या @priyankac19 जी उपस्थित होते.

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10:57 AM - Oct 12, 2019

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महाराष्ट्र में शिवसेना, भाजपा के साथ मिल कर चुनाव लड़ रही है, लेकिन घोषणापत्र को लेकर सहमति न बन पाने की वजह से शिवसेना ने अलग घोषणापत्र जारी किया है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा-शिवसेना के बीच आरे कॉलोनी और नाणार रिफाइनरी जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई थी।  घोषणापत्र के मुखपृष्ठ पर पार्टी के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे और वर्तमान पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की तस्वीर है। घोषणापत्र में आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों की शिक्षा के लिए कॉलेज, हर जिले में एक महिला बचत घर, कामकाजी महिलाओं के लिए सरकारी हॉस्टल के अलावा रोजगार और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को दुरुस्त करने का वादा किया गया है।

10 रुपए में भरपेट खाना, एक रुपये में स्वास्थ्य जांच

  • घोषणापत्र जारी करने के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में गरीबों को 10 रुपये में भरपेट खाना और एक रुपये में प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की सुविधा देना है।
  • उद्धव ने कहा कि हमारा उद्देश्य किसानों को कर्ज मुक्त करना है ना कि केवल कर्ज माफ करना। हमारे घोषणापत्र में हर वर्ग की जरुरतों का ध्यान रखा गया है। 

आरे के बारे में अपने फैसले पर अड़ी है शिवसेना

  • आदित्य ठाकरे ने कहा कि घोषणापत्र में मुंबई के आरे कॉलोनी को शामिल किया गया है। हम अभी भी आरे को वन क्षेत्र बनाने पर अड़े हैं। शिवसेना ही नहीं बल्कि सभी दलों के नेताओं को आरे के बारे में सोचना चाहिए और उस पर बात करनी चाहिए। 
  • उन्होंने बताया कि पिछल पांच सालों में शिवसेना ने जगह-जगह जाकर लोगों की स्थिति और उनकी मांग को देखा और काफी विचार करने के बाद अपना मेनिफेस्टो तैयार किया है। 

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