चन्द्रयान-2 ऑर्बिटर अभी भी काट रहा है चन्द्रमा के चक्कर, उम्मीद अभी भी कायम

img

बेंगलुरू, शनिवार, 07 सितम्बर 2019। चंद्रयान 2 के लैंडर विक्रम के चांद पर लैंडिग से ठीक 2.1 किमी पहले इसरो से संपर्क टूट गया। इसरो ने कहा है कि लैंडर के बारे में अभी कोई खबर नहीं है। ऑर्बिटर से लैंडर के बारे में पता लगाएंगे।  विक्रम का संपर्क क्यों टूट गया या फिर वो दुर्घटनाग्रस्त तो नहीं हुआ? अभी भले इसकी कोई जानकारी नहीं है लेकिन 978 करोड़ रुपए लागत वाला चंद्रयान-2 मिशन में अभी सबकुछ खत्म नहीं हो गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के एक अधिकारी ने बताया कि मिशन का सिर्फ पांच प्रतिशत -लैंडर विक्रम और प्रज्ञान रोवर- नुकसान हुआ है, जबकि बाकी 95 प्रतिशत -चंद्रयान-2 ऑर्बिटर- अभी भी चंद्रमा का सफलतापूर्वक चक्कर काट रहा है।

इस साल ऑर्बिटर चंद्रमा की कई तस्वीरें लेकर इसरो को भेज सकता है। अधिकारी ने बताया कि ऑर्बिटर लैंडर की तस्वीरें भी लेकर भेज सकता है, जिससे उसकी स्थिति के बारे में पता चल सकता है। चंद्रयान-2 अंतरिक्ष यान में तीन खंड हैं -ऑर्बिटर (2,379 किलोग्राम, आठ पेलोड), विक्रम (1,471 किलोग्राम, चार पेलोट) और प्रज्ञान (27 किलोग्राम, दो पेलोड)। विक्रम दो सितंबर को आर्बिटर से अलग हो गया था। चंद्रयान-2 को इसके पहले 22 जुलाई को भारत के हेवी रॉकेट जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हिकल-मार्क 3  के जरिए अंतरिक्ष में लांच किया गया था।

 

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement