पाकिस्तानी मंत्री ने चंद्रयान-2 पर कसा तंज, ट्वीटर पर हुए ट्रोल

img

  • यूजर्स ने लगाई जमकर लताड़

नई दिल्ली, शनिवार, 07 सितम्बर 2019। चंद्रयान-2 भले ही अपनी मंजिल पर पहुंचने से कुछ वक्त पहले ही वैज्ञानिकों से संपर्क टूट गया। लेकिन स्पेस की दुनिया में भारत के इस कदम की सभी सरहना कर रहे हैं। इसरो के वैज्ञानिकों को निराशा जरुर हाथ लगी हैं लेकिन देश-विदेश को इन वैज्ञानिकों पर गर्व है। हर कोई वैज्ञानिकों के प्रयासों की तारीफ कर रहे हैं। लेकिन चंद्रयान-2 से संपर्क इसरो का टूटा और बेचैनी पड़ोसी मुल्क को होने लगी। इसरो के चंद्रयान-2 मिशन का संपर्क विक्रम लैंडर से टूटा तो इमरान के बड़बोले मंत्री आपा खो बैठे। पाकिस्तान के विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री फवाद चौधरी दुनिया के सबसे कठिन मिशन चंद्रयान-2 पर टिप्पणी करने लग गए। उन्होंने ट्वीट करके लिखा, ‘जो काम नहीं आता, पंगा नहीं लेते ना..डियर एंडिया।’ फवाद चौधरी के ट्वीट एक बार फिर से सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गए। फवाद चौधरी के किए गए ट्वीट में उन्होंने इंडिया को एंडिया लिख डाला।

इसके बाद ट्वीटर यूजर्स ने उनकी जमकर क्लास लगाई। एक यूजर ने लिखा कि आने वाले 20-25 साल तक तो भारत और भारतीयों को पाकिस्तान को चंद्रमा पर पहुंचने में सफल होते देखना मुश्किल हैं, इसलिए पाकिस्तान को घबराना नहीं चाहिए बल्कि आराम से सोना चाहिए।  फवाद चौधरी यह ट्वीट करते हुए भूल गए कि पाकिस्तान ने भारत से पहले ही अपनी अंतरिक्ष प्रोग्राम की शुरुआत कर ली थी, लेकिन आज भारत अंतरिक्ष की बुलंदियों पर है। वहीं, पाकिस्तान आज भी वही है। भारत ने जहां एक प्रयास में ही मंगल मिशन पर कामयाबी पाई। वहीं पाकिस्तान के लिए अभी मंगल के बारे में सोचना भी मुश्किल है।

वहीं, ट्रोल पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय ट्विटर यूजर्स ने पाकिस्तानियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे उप-महाद्वीप के लिए इस मिशन के महत्व को समझने में असमर्थ हैं। एक यूजर ने ट्वीट किया, "पाकिस्तान यह समझने में नाकाम है कि चंद्रयान की लागत उसकी अर्थव्यवस्था से ज्यादा है, भारत और 100 चंद्रयान लॉन्च कर सकता है और धूर्त देश के मुकाबले बेहतर स्थिति में बना रह सकता है। एक अन्य ने लिखा, "भारत विफल नहीं हुआ .. हमने सिर्फ मून लैंडर के साथ संपर्क खो दिया। हैशटैग चंद्रयान2"

एक अन्य यूजर ने कहा, "नासा भी विफल हुआ थी, लेकिन असफलता सफलता की दिशा की ओर बढ़ने का एक रास्ता है। भारत सफल होने के लिए तैयार होने के लिए असफल हुआ है। हम सिर्फ एक असफलता के चलते इसरो को जज नहीं करना चाहिए।" एक यूजर ने लिखा, "प्रिय पाकिस्तानियों, यह हमारी असफलता नहीं है। हमारी पहली सफलता यह है कि हमने एक ऐसी जगह पर पहुंचने की कोशिश की, जहां कोई भी पहुंच नहीं सका था। हम उस जीत को नहीं गंवा पाए, जो पूरी तरह से हमारी जीत से थोड़ी दूर है। दूसरों की आलोचना करने से पहले अपनी स्थिति के बारे में सोचें।"

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement