शिवराज सिंह चौहान ने दी कमलनाथ सरकार को चेतावनी, किसानों से कहा- आंदोलन के लिए तैयार रहे

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नई दिल्ली, मंगलवार, 27 अगस्त 2019। मध्यप्रदेश में आठ माह पहले बनी कांग्रेस शासित कमलनाथ सरकार को भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चेतावनी दी है। प्रदेश में किसान बदहाली और काँग्रेस द्वारा कर्जमाफी के वादे पर खरा न उतरने को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में किसानों से अपनी मांगें मनवाने के लिए आंदोलन का आव्हान किया है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को आगर मालवा के बडौद में किसान आक्रोश रैली को संबोधित करते हुए यह चेतावनी कमलनाथ सरकार को दी। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सामूहिक दो हजार किसानों के साथ खुद की गिरफ्तारी दी।प्रदेश के आगर बडौद में किसान आक्रोश रैली के दौरान यह किसानों को सम्बोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह अपनी अंतिम सांस किसानों के लिए लड़ते रहेगें।

किसानो की आक्रोश रैली में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जगह-जगह सोयाबीन की फसलों में अफलन की स्थिति है। ऐसे में कमलनाथ सरकार की ड्यूटी है कि वह तत्काल सर्वे करवाये और किसानों को मुआवज़े और राहत की राशि उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार ने बहुत बड़े-बड़े वादे किए लेकिन पूरे एक भी नहीं हुए। सोयाबीन की फसल खराब होने के कारण प्रदेश के किसान बेहाल हैं। प्रदेश सरकार ने अभी तक किसानों के हित में कोई निर्णय नहीं लिया है। मैं मध्यप्रदेश के किसानों की समस्या को लेकर चिंतित और उनके हक की लडाई लडने के लिए तत्पर हूं।

मैं अपनी अंतिम सांस तक किसानों के हक की लड़ाई लड़ता रहूंगा। शिवराज सिंह चौहान ने सोयाबीन के किसानों की बर्बाद फसलों के मुआवजे और फसल बीमा योजना की राशि एवं 2 लाख रुपये की कर्जमाफी की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के दर्द को समझे और 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा राशि और फसल बीमा योजना का भी पैसा दे। साथ ही 2 लाख रुपये तक कर्ज माफी का भी अपना वादा पूरा करे। उन्होंने कहा कि समय रहते अगर सरकार किसानों की मांगों को पूरा नहीं करती है तो किसानों के साथ यह फसलें अब मंत्रालय में उनके सामने रखूंगा और मुआवजे की मांग करूंगा। उन्होंने कहा कि किसान पीडित है, सरकार उसकी सुध ले। जो फसलें खराब हुई है उसका सर्वे कराए और मुआवजा दे।

उन्होंने कहा कि एक हफ्ते के अंदर अगर सर्वे नहीं हुआ तो कांग्रेस के मंत्री जहां भी जायेंगे वहां उनका घेराव होगा। जिसके लिए किसान तैयार रहे। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के किसानों से वादा किया था कि उनका दो लाख तक का कर्ज प्रदेश में सरकार बनते ही माफ कर दिया जाएगा। लेकिन सरकार बने 8 माह बीत जाने के बाद भी अभी तक किसानों की कर्ज माफी नहीं हो सकी है। जिसको लेकर किसानों के बीच भारी आक्रोश है।

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