भूमाफिया आजम खान की मुश्किलें और बढ़ीं, गिरफ्तारी की संभावनाएं प्रबल

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नई दिल्ली, सोमवार, 12 अगस्त 2019। अखिलेश यादव सरकार में कद्दावर मंत्री रहे और अब रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दिन पर दिन उनकी गिरफ्तारी की संभवनाएं बढ़ती जा रही हैं। वह लगातार जमीन कब्जाने के आरोप में गहरते फंसते जा रहे हैं। आजम पर जमीन कब्जाने के दर्जनों मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और भू−माफिया भी घोषित किए जा चुके हैं, लेकिन आजम का अंदाज−ए−बयां नहीं बदला है। वह मोदी और योगी सरकार पर संसद से लेकर सड़क तक पर हमलावर हैं।

आजम लगातार आक्रामक अंदाज में अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब दे रहे हैं। इसके लिए उनके द्वारा साम−दाम−दंड−भेद सबका सहारा लिया जा रहा है। कभी वह कहते हैं कि मुस्लिम होने की वजह से उन्हें सताया जा रहा है तो कभी उन्हें लगता है कि उनके पूर्वजों के पाकिस्तान नहीं जाने की सजा वह भुगत रहे हैं, तो कभी कहने लगते हैं कि रामपुर में उनके सांसद बनने से खाली हुई विधानसभा सीट जीतने के लिए योगी सरकार द्वारा उन्हें अपमानित और प्रताड़ित किया जा रहा है, लेकिन यही आजम जब न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं तो वहां अग्रिम जमानत के लिए गिड़गिड़ाने से भी परहेज नहीं करते हैं। आजम अपने को पाक साफ बता रहे हैं, लेकिन उनके कारनामे सिर चढ़कर बोल रहे हैं। उनके खिलाफ जमीन कब्जा करने के दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। भू-माफिया घोषित होने के बाद आजम खां के खिलाफ मनी लॉर्डिंग की भी जांच शुरू हो गई है।

कानून के जानकारों का कहना है कि सांसद आजम खां के खिलाफ जो धाराएं लगी हैं, वह उनकी गिरफ्तारी के लिए काफी हैं। रामपुर में मौलाना जौहर यूनिवर्सिटी के चांसलर तथा समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां लोकसभा चुनाव 2019 के बाद से ही मुश्किलों में फंसे हैं। उनके खिलाफ दो दर्जन से अधिक किसानों ने जमीन कब्जा करने का मुकदमा दर्ज कर रखा है। इसी के चलते योगी सरकार ने आजम को भू−माफिया घोषित कर दिया। जौहर अली यूनिवर्सिटी के लिए किसानों की जमीन जबरन हड़पने को लेकर आजम के खिलाफ किसानों ने 26 मुकदमे दर्ज कराए हैं। यह सभी किसान अब आजम खां की गिरफ्तारी की मांग तथा अपने मामले में न्याय की खातिर इलाहाबाद हाई कोर्ट की शरण में हैं।

किसानों की ओर से लगातार दर्ज हो रहे मामलों के बाद अब रामपुर शहर कोतवाली में आजम समेत चार लोगों पर शत्रु संपत्ति पर कब्जे का भी मामला दर्ज हो गया है। नायब तहसीलदार की तरफ से दर्ज इस मामले में आरोप लगाया गया है कि जौहर विश्वविद्यालय ट्रस्ट और आजम खान को फायदा पहुंचाने के लिए ईओ ने कागजों में हेराफेरी कर गलत नोटिस जारी किया। वहीं सपा सांसद आजम खां पर दो मुकदमे महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी के भी हैं। इनमें भी जो धाराएं लगी हैं वो उनकी गिरफ्तारी के लिए काफी हैं। फिल्म अभिनेत्री जया प्रदा भी कई बार आजम खान के चरित्र पर सवाल खड़े कर चुकी हैं। भू−माफिया घोषित होने के बाद से आजम करीब एक माह से गृह जनपद रामपुर नहीं आए हैं। आमतौर पर आजम हफ्ते के आखिरी दो दिन पैतृक निवास रामपुर में ही बिताते थे। लोकसभा चुनाव में जया प्रदा को हराने वाले आजम खां पर किसानों की जमीन, नदियों की जमीन कब्जा करने का आरोप है तो उनके पुत्र अब्दुल्ला पर फर्जी तरीके से दो पैन रखने का मुकदमा चल रहा है।

आजम खां पर 2003 से लेकर 2005 के बीच 26 किसानों की जमीन जबरन हड़पने और उसे जौहर अली यूनिवर्सिटी परिसर में शामिल करने का गंभीर आरोप है। सभी किसानों ने जमीन हड़पे जाने के मामले में हाल ही में रामपुर के अजीम नगर थाने में सपा सांसद के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 242, 447, 506 और 389 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।

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