मुस्लिम छात्रों को ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने के लिए बाध्य करने से उप्र सरकार का इंकार

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लखनऊ, शनिवार, 13 जुलाई 2019। उन्नाव जिले में एक मदरसे के छात्रों से जबरदस्ती ‘जय श्री राम’ के नारे लगवाए जाने की बात से उप्र सरकार ने इंकार करते हुए कहा है कि सरकार की छवि को धूमिल करने के लिए यह खबर गलत तरीके से फैलाई गई है।  प्रमुख सचिव, सूचना, अवनीश अवस्थी ने इस बात को स्वीकार किया है कि झड़प उस वक्त हुई जब बच्चे किक्रेट खेल रहे थे, लेकिन छात्रों से धार्मिक नारे लगवाए जाने की बात से उन्होंने इंकार किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की छवि को धूमिल करने और सांप्रदायिक सौहाद्र्र को बिगाडऩे के लिए यह खबर गलत तरीके से फैलाई गई है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार की दोपहर को नमाज पढऩे के बाद जब ये बच्चे क्रिकेट खेलने के लिए गए तो चार लोगों ने उन्हें पीटा और उन पर ‘जय श्री राम’ बोलने का दबाव डाला। बच्चों के कपड़े फाड़े गए और उनकी साइकिलों को तोड़ दिया गया। इसके बाद ये बच्चे मदरसे को लौट आए और पूरी बात बताई जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया। जामा मस्जिद के इमाम के मुताबिक, इस घटना में बजरंग दल के लोगों का एक समूह शामिल था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और तीन आरोपियों की पहचान भी उनके फेसबुक अकांउट से कर ली गई है। इन आरोपियों ने कथित तौर पर अपने सोशल मीडिया अकांउट्स पर खुद की पहचान बजरंग दल के सदस्यों के रूप में बताई है। हालांकि, इस मामले के संदर्भ में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश से इस तरह की कोई घटना सामने आई है।

4 जुलाई को हुई इसी तरह की एक घटना में कुछ लोगों ने मिलकर एक ऑटो चालक को बाथरूम में बंद कर दिया था और उस पर पत्थर फेंके थे। इसके बाद ऑटो चालक मोहम्मद आतिब ने आरोप लगाया था कि ‘जय श्री राम’ बोलने से मना करने पर उन लोगों ने उस पर हमला किया था। इससे पहले कानपुर में कथित तौर पर टोपी पहने एक मुस्लिम युवक के ‘जय श्री राम’ बोलने से इंकार करने के बाद कुछ अज्ञात लोगों ने मिलकर उसे पीटा था। यह हमला उस वक्त हुआ जब युवक, जिसकी पहचान ताज मोहम्मद के रूप में की गई थी, मदरसे से बर्रा इलाके में अपने घर लौट रहा था।
 

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