खूबसूरत वादियों का वाला शहर “दार्जिलिंग”

img

“दार्जिलिंग” खूबसूरत वादियों का वाला शहर है। घुमावदार पर्वतों पर लगे देवदार, खड़े, बांस और ताड़ के पेड़ों के बीच से होते हुए “टॉय ट्रेन” के द्वारा दार्जिलिंग का सफर रोमांच से भर देता है। नीले आसमान के तले “माउंट कंचनजंगा” की बर्फ से ढकी पहाड़ियों के मनोरम दृश्य वाला दार्जिलिंग शहर, यक़ीनन एक खूबसूरत स्थान है।

बहुत कम लोग ही जानते होंगे कि दार्जिलिंग का नाम पहले “दोर्जेलिंग” था जिसका मतलब होता है “तूफानों की धरती”। दार्जिलिंग में अधिक तूफानों के आने के कारण ही इस शहर का यह नाम पड़ा। पहाड़ियों की ढलान पर बने चाय के ऑर्किड, बागान, पाइंस और रोडोडेनड्रॉन्स के पौधे, पर्वतों के बीच से गुज़रती हुई टॉय ट्रेन एवं हरी-भरी वादियों के बीच बने रंग-बिरंगें छोटे-छोटे मकान, दार्जिलिंग के ऐसे अनोखे मंज़र आपकी आँखों में हमेशा के लिए बस जाएंगे। आपको दार्जिलिंग में प्रकृति की सुंदरता के ऐसे दुर्लभ दृश्य देखने को मिलेंगें कि आप दंग रह जाएंगे।

दार्जलिंग का इतिहास:
भारत देश की आज़ादी से पहले काफी समय तक यह क्षेत्र सिक्किम राज्य का हिस्सा हुआ करता था, फिर दार्जिलिंग शहर पर नेपाली राजाओं का शासन हुआ। नेपाली जनजाति गोरखा द्वारा सिक्किम के राजा से दार्जिलिंग का क्षेत्र एक युद्ध में छीना गया था।

सन् 1815 की सुगौली संधि के अंतर्गत नेपाल को दार्जिलिंग शहर, ईस्ट इंडिया कम्पनी को सौंपना पड़ा। साल 1817 की टिटालिया संधि होने पर ईस्ट इंडिया कम्पनी ने दार्जिलिंग का क्षेत्र सिक्किम राज्य के सुपुर्द कर दिया लेकिन सन् 1835 में दोबारा ब्रिटिशर्स ने दार्जिलिंग को अपने लिए सैरगाह स्थल के तौर पर अपने अधीन कर लिया। भारत की आजादी के बाद दार्जिलिंग शहर को पश्चिम बंगाल में विलीन कर दिया गया।

दार्जलिंग की सामान्य जानकारी:

  • राज्य- पश्चिम बंगाल
  • स्थानीय भाषाएँ- हिंदी, बंगाली, नेपाली, तिब्बती, अंग्रेजी और गोरखा
  • पहनावा- दार्जिलिंग में गोरखा पुरूष भोतो, ढाका टोपी और दौरा सुरूवाल पहनते हैं। गोरखा जाति की औरतें साड़ी और चोलो पहनती हैं। वहीं लेपचा जाति के पुरूष दुमप्रा और महिलाएं घुटने की लंबाई तक का डुमडेम पहनती हैं। यहां तिब्बती महिलाएं लॉंग स्लीव ब्लाउज के साथ गहरे रंगों की लंबी ड्रेस पहनती हैं जिसे चुबा और बक्कू कहा जाता है।
  • खान-पान- मोमोज़, थुपका, आलूदम, तिब्बती चाय, तोंगबा, तिब्बती नूडल, शेल रोटी, छांग आदि दार्जिलिंग के प्रसिद्ध स्थानीय व्यंजन हैं।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement