नामांकन वृद्धि और ठहराव के लिए डोर-टू-डोर सम्पर्क का आह्वान

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जयपुर, मंगलवार, 25 जून 2019। प्रदेश के शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने राजकीय विद्यालयों में नामांकन वृद्धि और ठहराव के लिए डोर-टू-डोर सम्पर्क करने और प्रवेशोत्सव के द्वितीय चरण का प्रभावी क्रियान्वयन का आह्वान किया हैं। उन्होंने आगामी 2 जुलाई को सार्वजनिक स्थल पर होने वाली बालसभाओं की तैयारियां भी प्रभावी रूप से किए जाने और इनमें जन प्रतिनिधियों को आवष्यक रूप से आमंत्रित किए जाने के लिए भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बालसभाओं में राजीव गांधी कैरियर गाइडेन्स पोर्टल के बारे में विशेष रूप से जानकारी दी जाए ताकि विद्यार्थियों को व्यवहार में इसका लाभ मिल सके।

डोटासरा ने प्रवेशोत्सव के द्वितीय चरण के अंतर्गत हो रहे कार्यों की समीक्षा करने के साथ ही 2 जुलाई को आयोजित होने वाली सामुदायिक बालसभाओं मं किए जाने वाले कार्यों के बारे में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने बालसभाओं में निशुल्क पाठ्यपुस्तकों के वितरण, विभिन्न छात्रवृतियों एवं अन्य विभागीय परिलाभों की भी विस्तृत जानकारी देना सुनिष्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि बालसभाओं में इस बार विद्यालय स्तर पर कक्षा 8, 10 एवं 13 में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया जाएगा। सामुदायिक बालसभाओं में उपस्थित होने वाले जनप्रतिनिधियों, विशिष्टजनों से पौधारोपण भी करवाया जाएगा। उन्होंने विद्यालयों में नामांकन, ठहराव के लिए सभी को मिलकर प्रयास किए जाने पर जोर दिया है।

बालसभाओं के संबंध में आयुक्त स्कूल शिक्षा ने की वीडियो कॉन्फ्रेन्स-

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् के आयुक्त एवं विशिष्ट शासन सचिव, शिक्षा प्रदीप बोरड़ ने मंगलवार को शिक्षा संकुल स्थित राष्ट्रीय सूचना विज्ञान के कॉन्फ्रेन्स कक्ष से राज्य के सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों से विडियो कॉन्फ्रेस की। उन्होंने इस दौरान जिलेवार आगामी 2 जुलाई को सार्वजनिक स्थलों पर होने वाली बालसभाओं की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रयास यह किया जाए कि स्कूल जाने योग्य कोई भी बालक-बालिका नामांकन से वंचित नहीं रहे।

उन्होंने 2 जुलाई की बालसभाओं में होने वाले कार्यक्रमों के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि राजीव गॉंधी कैरियर गाइडेंन्स पोर्टल के राज्य स्तर, जिला स्तर व ब्लॉक स्तर पर प्रकोष्ठ गठित किए जाएं। बालसभाओं में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय जन प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाए साथ ही गत बालसभाओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले एक-एक बालक-बालिका को सम्मानित भी किया जाए। उन्होंने प्रवेशोत्सव एवं बालोत्सव की चरणबद्ध की जा रही तैयारियों की भी जिलेवार अधिकारियों से संवाद कर समीक्षा की।

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