स्मृति के करीबी का कत्ल, भाई बोला- कांग्रेसियों को पसंद नहीं आई उनकी तरक्की

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लखनऊ, रविवार, 26 मई 2019। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के करीबी रहे पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह की हत्या को उनके चचरे भाई राजेंद्र सिंह ने रविवार को राजनीतिक रंजिश करार दिया।उन्होंने कहा कि इलाके में प्रभाव रखने वाले सुरेंद्र बहुत मिलन सार थे। लोग उनसे प्रेम करते थे, जमीन पर उनकी पकड़ थी और इस वजह से उनकी हत्या की गई।

लखनऊ के केजीएमयू में सुरेंद्र सिंह के शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। सुरेंद्र का शव लेने के लिए उनके बड़े भाई नरेंद्र सिंह वहां मौजूद हैं।पोस्टमार्टम हाउस के बाहर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं का जमावड़ा लगा है। सुरेंद्र सिंह के करीबी मुन्ना सिंह ने कहा कि इस लोकसभा चुनाव के बाद राजनीतिक रूप से उनका कद काफी बढ़ गया था। कुछ लोगों को उनकी तरक्की पसंद नहीं आ रही थी। उन्होंने आशंका जताई कि बढ़ती लोकप्रियता के कारण उनकी हत्या की गई। 

उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक ओ. पी. सिंह ने कहा कि अमेठी में कल (शनिवार) देर रात पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह की हत्या के मामले में सात संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है। बरौलिया के पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह की हत्या के मामले में पुलिस को कुछ अहम सबूत हाथ लगे हैं।  उन्होंने कहा, ‘‘अभी जांच चल रही है और हमें यकीन है, अगले 12 घंटों में हम दोषियों को पकड़ने में सफल होंगे।’’उन्होंने कहा कि इलाके में कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए पीएसी की तीन कंपनियां तैनात की गई हैं।

गौरतलब है कि सुरेंद्र सिंह 2017 तक भाजपा के जिला उपाध्यक्ष पद पर तैनात रहे थे। 2017 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के दौरान नंदमहर में अखिलेश यादव की सभा के बाद वह समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए लेकिन चुनाव के बाद फिर से वापस भाजपा में शामिल हो गए। सुरेंद्र ने 2005 में पहला ग्राम पंचायत चुनाव लड़ा था। साल 2015 में पिछड़ा वर्ग के लिए सीट आरक्षित होने के बाद उन्होंने अपने करीबी राम प्रकाश वर्मा को चुनाव मैदान में उतारा। हाई प्रोफाइल मामला होने से जिले के प्रभारी मंत्री मोहसिन रजा अमेठी पहुंच रहे हैं। वहीं, स्मृति ईरानी के भी रविवार लगभग बजे वहां पहुंचने की संभावना है।

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