अवमानना मामले में SC ने राहुल को भेजा नोटिस, 22 अप्रैल तक मांगा जवाब

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नई दिल्ली, सोमवार, 15 अप्रैल 2019। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को यह स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ने इस शीर्ष अदालत के हवाले से राफेल सौदे के बारे में मीडिया व जनता में जो कुछ कहा वह गलत तरीके से पेश किया गया। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष को 22 अप्रैल तक इस बारे में जवाब देने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी की ओर से राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि की याचिका पर गौर करेगी। इसमें शीर्ष अदालत के हवाले से की गई राहुल गांधी की एक टिप्पणी का जिक्र किया गया था,जबकि अदालत ने असल में वैसा कहा ही नहीं था।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि हम यह स्पष्ट करते हैं कि मीडिया व जनता के सामने जिस राय, मत अथवा निष्कर्ष का जिक्र राहुल गांधी ने कथित तौर पर अपनी टिप्पणी में किया वे गलत तरीके से पेश किए गए। हम यह भी स्पष्ट करना चाहेंगे कि अदालत को ऐसे दस्तावेजों को स्वीकार करने के लिए उनकी वैधता पर सुनवाई करते हुए इस तरह की टिप्पणी करने का मौका कभी नहीं मिला। 

इस पीठ में न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भी शामिल थे। पीठ ने कहा कि मामले पर स्पष्टता हासिल करने के लिए हमने गांधी से इस पर सफाई मांगी है। पीठ ने आगे कहा कि राहुल गांधी को मामले पर अगले सोमवार (22 अप्रैल) तक सफाई देनी होगी और इस पर अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी। 

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