स्वतंत्रता सेनानियों की पेंशन अब 24 हजार के स्थान पर 30 हजार रुपये प्रतिमाह

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जयपुर, शुक्रवार, 08 फरवरी 2019।  प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों का मान-सम्मान बढ़ाते हुए उन्हें मिलने वाली पेंशन राशि 20 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रूपये प्रतिमाह करने के साथ ही चिकित्सा सहायता राशि भी 4 हजार से बढ़ाकर 5 हजार रूपये करने की घोषणा की है।  इस तरह प्रदेश में स्वतंत्रता सेनानियों को 24 हजार के स्थान पर 30 हजार रूपये प्रतिमाह पेंशन एवं चिकित्सा सहायता राशि मिलेगी।गहलोत ने स्वतंत्रता सेनानियों एवं गांधीवादी विचारक डाॅ. एस. एन. सुब्बाराव जी के 91वें जन्मदिवस सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए यह घोषणा की।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों अथवा उनकी विधवाओं को मिलने वाली पेंशन राशि 4 हजार से बढ़ाकर 10 हजार रूपये करने की भी घोषणा की। इस बढ़ोतरी से 3 हजार 100 से अधिक वयोवृद्ध सेनानियों अथवा उनकी विधवाओं को सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिलेगी।

बीपीएल, स्टेट बीपीएल लाभार्थियों, अन्त्योदय परिवारों को 1 रू. किलो गेहूं
गहलोत ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल बीपीएल एवं स्टेट बीपीएल लाभार्थियों तथा अन्त्योदय परिवारों को 2 रूपये प्रति किलोग्राम की दर के स्थान पर अब 1 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं देने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। इस योजना में एक करोड़ 74 लाख लोग लाभान्वित होंगे, जिनमें 1.17 करोड़ बीपीएल, 29 लाख स्टेट बीपीएल एवं 28 लाख अन्त्योदय लाभार्थी शामिल हंै। इसके लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा प्रतिमाह करीब 96,175 मीट्रिक टन गेहूं उपलब्ध कराया जाएगा।राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह दरें 1 मार्च 2019 से प्रभावी होंगी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए चालू विŸाीय वर्ष 2018-19 में 20 करोड़ रूपये का अतिरिक्त प्रावधान एवं वर्ष 2019-20 में 115 करोड़ रूपये का बजटीय प्रावधान करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। 

जयपुर में स्थापित होगा गांधी संग्रहालय
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के जीवन दर्शन और उनके संदेशों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए जयपुर में शानदार गांधी संग्रहालय स्थापित किया जाएगा। इस संग्रहालय की स्थापना गांधीवादी विचारकों द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सौहार्द, भाईचारे एवं गांधीवादी विचारों को प्रोत्साहन देने के लिए शांति एवं अहिंसा मंत्रालय अथवा निदेशालय की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।

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