छेड़छाड़ के झूठे केस में कोर्ट ने 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया

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मुंबई, सोमवार, 28 जनवरी 2019। एक महिला और उसके पति को कोर्ट रिसीवर को छेड़छाड़ का झूठा केस में फंसाने की धमकी देना महंगा पड़ गया। बॉम्बे उच्च न्यायालय ने एक महिला और उसके पति पर छेड़छाड़ को झूठे केस में फंसाने की धमकी देने पर 25 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया है। हरियाणा की फील गुड इंडिया कंपनी की मालिक नेहा गांधीर ने कथित तौर पर कोर्ट रिसीवर को छेड़छाड़ के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी थी। न्यायाधीश एस कथावाला ने बताया कि वक्त के साथ यह देखने को मिला है कि जो कानून महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए बनाए गए हैं उनका कई बार गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके माध्यम से पुरुषों को गलत तरीके से फंसाने की साजिश रची जाती है। इस कारण से सभी गलत मामलों की कोर्ट निंदा करता है।

गांधीर के दो बच्चे हैं, इस बात को कोर्ट के सामने रखते हुए उनके वकीलों ने अदालत से उदारता बरतने का आग्रह किया। गांधीर ने भी इस बात को स्वीकार करते हुए कहा कि उन्होंने गुस्से में फोटोग्राफिक उपकरण को छीन लिया था। इसके साथ ही सपट के प्रतिनिधि और कोर्ट रिसीवर को धमकाया भी था। उन्होंने कहा कि छेड़छाड़ शब्द का प्रयोग गलती से हो गया था। इस पर न्यायाधीश ने कहा कि इस तरह के घृणित कार्य को दया बरतते हुए बिना दंडित किए छोड़ दिया गया तो जानबूझकर कानून का गलत उपयोग होगा। उन्होंने ऐसा गुस्से में किया है तो इससे कोर्ट की ओर से आम जनता में एक गलत संदेश चला जाएगा।

आपको बताते जाए कि सपट ने कफ सीरप के पुराने ट्रेडमार्क को हथियाने के मामले में फील गुड के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद हाई कोर्ट ने 21 दिसंबर 2018 को फील गुड को कॉपीराइट एक्ट मामले का उल्लंघन करने के मामले में प्रतिबंधित लगा दिया। 

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