JNU प्रकरण में 7 कश्मीरी छात्रों का नाम आने पर भड़कीं महबूबा मुफ्ती

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श्रीनगर, बुधवार, 16 जनवरी 2019। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने 2016 जेएनयू राजद्रोह मामले में आरोप पत्र दायर करने के समय को लेकर सवाल उठाया और कहा कि लोकसभा चुनावों से पहले राजनीतिक लाभ लेने के लिए छात्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस आरोप पत्र में सात कश्मीरियों के भी नाम हैं. केंद्र की सत्तासीन मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि 2014 में कांग्रेस ने भी ठीक ऐसा ही किया था और अफजल गुरू को फांसी की सजा दी गई थी. अब मोदी सरकार कांग्रेस वाली बात को दोहरा रही है.

दिल्ली पुलिस ने जेएनयू परिसर में नौ फरवरी 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाने के लिए जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार सहित दस लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है जिसमें ये सात भी शामिल हैं. वह कार्यक्रम संसद भवन पर हमला मामले के दोषी अफजल गुरु की फांसी की बरसी पर आयोजित किया गया था. 

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख ने अपने ट्वीट में कहा कि इसमें चौंकने वाली बात नहीं है. 2019 का आम चुनाव कुछ महीने बाद होने वाला है और हमेशा की तरह राजनीतिक लाभ लेने के लिए कश्मीरियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आरोप पत्र का समय इससे अधिक संदिग्ध नहीं हो सकता. जब संप्रग सत्ता में थी तब अफजल गुरु को फांसी दी गई और अब तक जम्मू कश्मीर को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है.

आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए (राजद्रोह), 143 (गैरकानूनी तरीके से एकत्र समूह का सदस्य होने के लिए सजा) और 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के सहित विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.

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