CBI मामले में PM को गुमराह करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो- स्वामी

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नई दिल्ली, मंगलवार, 08 जनवरी 2019। भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने सीबीआई के निदेशक पद पर आलोक वर्मा को बहाल करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए मंगलवार को कहा कि वर्मा को कार्यमुक्त करने की सलाह देने वाले लोगों के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कार्रवाई करना चाहिये। स्वामी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘उच्चतम न्यायालय के फैसले का मैं पूरी तरह से स्वागत करता हूं। वर्मा जैसे ईमानदार अधिकारी को इस तरह से बेइज्जत करना दुर्भाग्यपूर्ण रहा।’ उन्होंने कहा कि यह फैसला सरकार के लिये करारा झटका है क्योंकि वर्मा को कार्यमुक्त करने का फैसला सरकार का था। सरकार को इसमें विहित प्रक्रिया का पालन करना चाहिये था।

हालांकि, स्वामी ने प्रधानमंत्री की ईमानदारी को संदेह से परे बताते हुये कहा, ‘मेरा प्रधानमंत्री के साथ पत्रों के माध्यम से प्रत्यक्ष संवाद होता है। उसके आधार पर मेरा पूरा विश्वास है कि भ्रष्टाचार के मामले में वह बिल्कुल साफ हैं।’ राज्यसभा सदस्य ने कहा कि प्रधानमंत्री को मुहैया कराये गये तथ्यों की इतनी गहरायी में जाने की, उनसे अपेक्षा नहीं की जा सकती है। इसलिये उन्हें मुहैया करायी गयी जानकारी और तथ्य गलत साबित होने पर इन्हें मुहैया कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिये।

ANI@ANI

Supreme Court reinstates Alok Verma as CBI Director, however, he cannot take major policy decisions. pic.twitter.com/k5NMFdRbyU

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10:48 AM - Jan 8, 2019

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राकांपा के राज्यसभा सदस्य माजिद मेनन ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुये कहा कि इस फैसले से पूरे देश में यह संदेश गया है कि सरकार किस तरह से सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है। मेनन ने कहा, ‘अदालत ने आलोक वर्मा से रात के दो बजे कार्यभार वापस लेने के सरकार के फैसले को पलट दिया है। वर्मा का वकार कायम हो गया लेकिन सिर्फ दुख की बात यह है कि उनके पास समय बहुत कम है। वरना बहुत सारी सच्चाइयां बाहर निकल कर आती।’

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