बोगीबील पुल पर छलका देवगौड़ा का दर्द, कहा- मुझे कौन याद करेगा

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नई दिल्ली, बुधवार, 26 दिसंबर 2018। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को असम में डिब्रूगढ़ के निकट बोगीबील में ब्रह्मपुत्र नदी पर देश के सबसे लंबे रेल-सह-सड़क पुल का उद्घाटन किया। अपने भाषण में मोदी ने UPA सरकार पर इस पुल के निर्माण में देरी करने का आरोप लगाया और श्रेय लेते हुए कहा कि NDA सरकार ने 16 वर्षों बाद अटल जी के सपनो को पूरा किया है। अब मोदी के इस आरोप के बाद बोगीबील पुल के निर्माण का श्रेय लेने की होड़ सी मच गई है। पूर्व PM एचडी देवगौड़ा नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि 1997 में मैंने इस परियोजना की आधारशिला रखी थी और मुझे ही नहीं बुलाया गया। देवगौड़ा ने तंज कसते हुए कहा, ‘अय्यो रामा! कौन मुझे याद करेगा?

ANI@ANI

Former Prime Minister HD Deve Gowda:The foundation stone of #BogibeeBridge in Assam was laid during my tenure but it took 21 yrs to be completed. What can I do? I am least bothered about not being invited for the inauguration.The people of the area will recognise my contribution.

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12:35 PM - Dec 26, 2018

उधर कांग्रेस भी अपनी उपेक्षा ने नाराज है। खास बात यह है कि 2019 लोकसभा चुनाव को देखते हुए हर परियोजना में सभी पार्टी श्रेय लेने कोशिश में जुट गई है। बता दें कि  विशाल ब्रह्मपुत्र नदी पर बना, सामरिक रूप से महत्वपूर्ण यह पुल अरूणाचल प्रदेश के कई जिलों के लिए कई तरह से मददगार होगा। डिब्रूगढ़ से शुरू होकर इस पुल का समापन असम के धेमाजी जिले में होता है। यह पुल अरुणाचल प्रदेश के भागों को सड़क के साथ-साथ रेलवे से जोड़ेगा। असम समझौते का हिस्सा रहे बोगीबील पुल को 1997-98 में मंजूरी दी गई थी। ऐसा माना जा रहा है कि यह पुल अरूणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा के पास रक्षा गतिविधियों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।

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