उच्चतम न्यायालय पर शाह की बयानबाजी दुर्भाग्यपूर्ण- मायावती

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लखनऊ, रविवार, 28 अक्टूबर 2018।  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह पर उच्चतम न्यायालय को लेकर गैर जिम्मेदाराना बयान देने का आरोप लगाते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने कहा कि दंभ में भरे सत्तारूढ़ दल के नेता की टिप्पणी को न्यायालय को संज्ञान में लेना चाहिए। मायावती ने जारी बयान में कहा कि केरल के कन्नूर में शाह का उच्चतम न्यायालय को हिदायत भरा बयान देना अति-निन्दनीय है। न्यायालय को इसका संज्ञान अवश्य लेना चाहिए। गैऱ-जिम्मेदाराना सार्वजनिक बयानों से स्पष्ट है कि देश का लोकतंत्र खतरे में है। सीबीआई, सीवीसी, ईडी और भारतीय रिकार्व बैंक जैसी देश की महत्त्वपूर्ण स्वायत्तशासी संस्थाओं में गंभीर संकट का जो दौर चल रहा है वह इसी प्रकार के गलत सरकारी नजरिए एवं अहंकार का दुष्परिणाम है।

उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलता है और आगे भी चलता रहेगा, लेकिन सत्ताधारी दल का मौजूदा नेतृत्व इस मामले में उत्तेजक भाषणबाजी करके राजनीतिक रोटी सेंकने का प्रयास कर रहा है। वास्तव में सबरीमाला मन्दिर मामले को लेकर भाजपा नेता भड़काऊ, असंसदीय और असंवैधानिक भाषण देकर धर्म का राजनीतिक इस्तेमाल मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान में हो रहे चुनावों में करना चाहते हैं, जो सर्वथा अनुचित है।

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि सबरीमाला मन्दिर में हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश करने को महिलाओं का मौलिक और संवैधानिक अधिकार घोषित करने सम्बंधी उच्चतम न्यायालय के फैसले पर भाजपा को अगर आपत्ति है तो उसके लिये उन्हें सड़कों पर तांडव करनेे, हिंसा फैलाने तथा केरल की निर्वाचित सरकार को बर्खास्त कर देने की धमकी देने के बजाय कानूनी तौर से इसका उचित समाधान ढूंढने का प्रयास करना चाहिए।

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