शांति का माहौल बिगाडने वालों को मिलेगा जवाब- PM मोदी

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नई दिल्ली, रविवार, 30 सितंबर 2018। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश में स्त्री और पुरुष की समानता सुनिश्चित करने में सेना ने एक मिसाल कायम की है। भारत गर्व से कह सकता है कि भारत की सेना में सशस्त्र बलों में पुरुष शक्ति ही नहीं, स्त्री शक्ति का भी उतना योगदान बनता जा रहा है। अब यह तय हो चुका है कि हमारे सैनिक उन सबको मुंहतोड़ ज़वाब देंगे जो हमारे राष्ट्र में शांति और उन्नति के माहौल को नष्ट करने का प्रयास करेंगे। यह बात रविवार को मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कही। मोदी ने कहा कि हमारे सैनिक दुश्मनों को मुंह तोड जवाब देने के लिए हमेशा तैयार हैं। शांति का माहौल बिगाडने वालों को जवाब मिलेगा।

मोदी ने कहा कि मैंने फोन पर कमांडर अभिलाश तोमी से बात की। इतने बड़े संकट से बाहर आने के बाद भी, उनका जुनून और साहस एक प्रेरणा है, यह वास्तव में राष्ट्र के युवाओं के लिए एक उदाहरण है। मोदी ने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियो, गांधीजी का एक जंतर आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है। क्या हम खरीदारी करते समय सोच सकते हैं कि मैं जो चीज खरीद रहा हूं उससे मेरे देश के किस नागरिक का लाभ होगा। 

मोदी ने कहा कि डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर के द्वारा किए गए संविधान में गरीबों के मूल अधिकारों की रक्षा के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। अम्बेडकर के विजन से प्रेरित होकर 12 अक्टूबर,1933 को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग यानी एनएचआरसी का गठन किया गया था। 

मोदी ने कहा कि हमारे प्राण-प्रिय नेता हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी जी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि मानव अधिकार हमारे लिए कोई पराई अवधारणा नहीं है। ‘न्यायमूलं स्वराज्यं स्यात्’ अर्थात् स्वराज के मूल में न्याय होता है जब न्याय की चर्चा होती है,तो मानवाधिकार का भाव उसमें पूरी तरह से समाहित रहता है। शोषित,पीडि़त और वंचित जनों की स्वतन्त्रता और उन्हें न्याय सुनिश्चित कराने के लिए ये विशेष रूप से अनिवार्य है।

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