पार्रिकर को मुख्यमंत्री बनाए रखना भाजपा की ‘क्रूर’ राजनीति- शिवसेना

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मुंबई, मंगलवार, 25 सितंबर 2018। मनोहर पार्रिकर के गोवा के मुख्यमंत्री बने रहने के फैसला पर भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने विरोध जताया है। पार्टी ने कहा कि पार्रिकर का मुख्यमंत्री बनाए रखना भाजपा की‘क्रूर और अमानवीय राजनीति’है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य में सत्ता गंवाने के बारे में सोचकर डरी हुई है।

शिवसेना ने दावा किया कि पार्रिकर की अनुपस्थिति में तटीय राज्य गोवा में ‘अराजकता’ फैली हुई है। भाजपा इस समस्या से जूझ रही है कि पार्रिकर की जगह किसे लाया जाए क्योंकि पार्टी के पास कोई भी ’उपयुक्त’ चेहरा नहीं है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में दावा किया कि मुख्यमंत्री गोवा में नहीं हैं। वह दिल्ली के अस्पताल में कैंसर का इलाज करा रहे हैं। उनकी अनुपस्थिति में राज्य प्रशासन की स्थिति डांवाडोल हो गई है। उन्होंने कहा कि पार्रिकर को मुख्यमंत्री के पद पर बरकरार रखना न केवल गोवा के साथ अन्याय है बल्कि पार्रिकर के साथ भी अन्याय है। 

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी शिवसेना ने दावा किया कि भाजपा पार्रिकर के नाम पर अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव तक ऐसे ही समय खींचना चाहती है। मुख्यमंत्री के गिरते स्वास्थ्य के लिए तनाव सही नहीं है, लेकिन भाजपा के आलाकमान को यह बात कौन समझाए? वे पार्रिकर के स्वास्थ्य से ज्यादा सत्ता खोने से डरे हुए हैं। उनका इरादा गोवा को भाजपा के जीत के मानचित्र में बरकरार रखने का है।

बता दें कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को कहा था कि पार्रिकर अपने पद पर बने रहेंगे। वहीं विपक्षी पार्टी कांग्रेस यह दावा कर रही है कि भाजपा नीत गोवा की गठबंधन सरकार में सबकुछ ठीक नहीं है। कांग्रेस ने विधानसभा में विश्वास मत की मांग की। गौरतलब है कि गोवा के 62 वर्षीय मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर दिल्ली के एम्स में अग्न्याशय की बीमारी का इलाज करा रहे हैं।  

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