गोवा में औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष अभी समाप्त नहीं- CM पर्रिकर

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पणजी, सोमवार, 18 जून 2018। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज कहा कि राज्य में औपनिवेशिक शासन के खिलाफ लड़ाई अब भी समाप्त नहीं हुई है। ।पर्रिकर अग्नाशय संबंधी बीमारी का तीन महीने अमेरिका में इलाज करा कर पिछले सप्ताह लौटे हैं। उन्होंने गोवा मुक्ति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की और इस दौरान राज्य को प्लास्टिक से मुक्त कराने के सरकार के संकल्प को भी दोहराया।

मुख्यमंत्री ने आजाद मैदान में लोगों को संबोधित किया, ‘‘72 वर्ष पहले (1946) शुरू हुए संघर्ष ने 1961 में गोवा को आजादी दिलाई थी लेकिन मेरा मानना है कि संघर्ष अभी बाकी है।’’ उनका तात्पर्य राज्य के मायेम गांव में शरणार्थी संपत्तियों में रहने वाले लोगों की समस्याओं से था। 

उन्होंने कहा, ‘‘मायेम का मसला (शरणार्थी संपत्ति) भी इस संघर्ष (औपनिवेशिक शासन) का ही हिस्सा है और मैं इससे शीघ्र निपटाने के लिए व्यक्तिगत रूप से काम कर रहा हूं।’’ गौरतलब है कि 30 हजार की आबादी वाला मायेम गांव शरणार्थी संपत्ति घोषित है जो कि पुर्तगाल नागरिकों की थी। 1961 में गोवा की आजादी के बाद वे पुर्तगाल में बस गए थे। गोवा के लोग इनमें रैयत के तौर पर रहते हैं और लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। इस दौरान स्वतंत्रता सेनानी चंद्रकांत पेडनेकर मसयेम गांव की जमीन को मुक्त कराने की जरूरत पर जोर दिया। गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे।

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