संकट में निजी निवेश, रोजगार के अवसर नहीं हो रहे पैदा- चिदंबरम

img

नई दिल्ली, मंगलवार, 12 जून 2018। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने देश की अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति को लेकर एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला। पूर्व वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि आरोप लगाया कि निजी निवेश संकट में है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा नहीं हो रहे हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि उद्योग के लिए क्रेडिट वृद्धि नहीं होने या कम क्रेडिट वृद्धि का अर्थ है कि निजी निवेश संकट में है और नौकरियां पैदा नहीं हो रही हैं। क्या कोई इससे इनकार कर सकता है?’

चिदंबरम ने कहा कि सितंबर 2016 और अप्रैल 2018 के बीच उद्योग के लिए क्रेडिट वृद्धि 20 महीनों में से 13 में नकारात्मक थी। उन्होंने कहा कि शेष 7 महीनों में औसत मासिक क्रेडिट वृद्धि दर 1.1 फीसदी थी। अब आप समझ गए होंगे कि युवाओं को संगठित औद्योगिक क्षेत्र में स्थायी नौकरियां क्यों नहीं मिल पा रही है। पूर्व वित्त मंत्री ने कल दावा किया था कि अर्थव्यवस्था के चार टायरों में से तीन टायर- निर्यात, निजी निवेश और निजी उपभोग, पंक्चर हो चुके हैं। 

मोदी सरकार पर लगाए आरोप 
चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा था कि सिर्फ सरकारी खर्च रूपी ‘टायर’ चल रहा है, लेकिन चालू खाता घाटे और वित्तीय घाटे की वजह से इस पर भी दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि यह स्थिति सरकार की नीतिगत ग़लतियों और ग़लत क़दमों के कारण पैदा हुई है।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement